
रतलाम। सिविल सर्जन डॉ. एम. एस. सागर ने बताया कि जिला चिकित्सालय रतलाम के चिकित्सकों द्वारा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाए प्रदान की जा रही है।
श्रीमती मोहन बाई पिता मानसिंह उम्र 43 वर्ष निवासी ग्राम अर्जला ब्लॉक जावरा खून की कमी , 3 साल से पेट में दर्द और पेट में गठान महसूस होने की शिकायत को लेकर जिला चिकित्सालय रतलाम में 29 जुलाई 2025 को आई थी। चिकित्सकों ने उनका प्रारंभिक परीक्षण किया तथा खून की जांच, सोनोग्राफी और सिटी स्कैन करवाई , तो मरीज के पेट में बड़ी गठान होने की पुष्टि हुई। महिला को डॉ. मुकेश डाबर सर्जिकल स्पेशलिस्ट द्वारा जिला चिकित्सालय रतलाम के फीमेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया। भर्ती के दौरान उनका हीमोग्लोबिन कम होना पाया गया। हीमोग्लोबिन की मात्रा सही करने के लिए उन्हें दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।
उनका ऑपरेशन डॉक्टर बी. एल. तापडिय़ा सर्जन, डॉ. मुकेश डाबर सर्जन और डॉ महेश मौर्य निश्चेतना विशेषज्ञ और जिला चिकित्सालय रतलाम के नर्सिंग ऑफिसर के सहयोग से किया गया तथा जटिल ऑपरेशन करके गठान निकाली गई। ऑपरेशन के बाद श्रीमति मोहन बाई को स्वस्थ होने पर 7 अगस्त 2025 को डिस्चार्ज कर दिया गया।
