
जबलपुर। म्रप हाईकोर्ट ने अशासकीय स्कूल में कार्यरत शिक्षक को सातवें वेतनमान का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा है कि याचिकाकर्ता की बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान तीन माह में किया जाए और शेष राशि नौ माह के भीतर अदा की जाए। एकलपीठ ने स्पष्ट किया है कि यह राशि याचिकाकर्ता के बैंक एकाउंट में ही भेजी जाए।
जबलपुर निवासी राजेन्द्र कुमार तिवारी की ओर से अधिवक्ता रोहिणी प्रसाद तिवारी एवं अशोक तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता हितकारिणी स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है। दलील दी गई कि नियमानुसार अशासकीय स्कूल के शिक्षक जो 31 मार्च 2000 से पहले नियुक्त हुए हैं और राज्य सरकार से अनुदान सहायता के तहत वेतन प्राप्त कर रहे हैं, वे एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार उसी वेतनमान पर और उन्हीं लाभों के अधीन वेतन प्राप्त करने के हकदार होंगे जो सरकारी स्कूलों के संबंधित शिक्षकों की श्रेणियों को दिए जा रहे हैं।
