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भोपाल।शहर में 30 शूटर्स के शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद अन्य शूटरों को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. जानकारी सामने आई है कि जांच की रडार पर बचे हुए 50 शूटरों पर फिर से बुलाकर पूछताछ की जा सकती है. जिला प्रशासन ने सभी 80 शूटरों को पूर्व में एसडीएम कार्यालय बैरागढ़ में तलब किया था. जांच अधिकारी एडिशनल डीसीपी दीपक नायक ने कहा है कि कई शूटरों ने कारतूसों को गलत इस्तेमाल किया है. आरोप में घिरे शूटरों ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड भी छुपाए थे. शूटरों को शूटिंग मैच से पहले पुलिस का क्लेरिफिकेशन देना होता था. इसकी जानकारी उनके द्वारा गलत तरीके से दी गई थी. नायक ने कहा कि कारतूस को शिकारियों को बेचने वाले मामले में जांच जारी है. शाहिद मछली के पास सेमी ऑटोमेटिक हथियार था. जिसे उसने गुलफाम नाम के शख्स से खरीदा था. सेमी ऑटोमेटिक हथियार से शूटिंग का कोई भी इवेंट नहीं होता. कोई भी शूटर अगर सेमी ऑटोमेटिक हथियार खरीदता है तो ये गलत है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक की जांच में सामने आया है कि कुछ शूटरों के पास ऐसे हथियार थे, जिनका उप्योग किसी भी शूटिंग प्रतियोगिता में नहीं किया गया था. उन लोगों द्वारा कारतूसों का हिसाब नहीं दे पाने के चलते इनके अपराधियों तक पहुंचने की आशंका जताई गई. जिसको लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जांच टीम बनाई थी. इस दौरान शूटर्स से कारतूसों का हिसाब तलब करते हुए उनके रिकॉर्ड की जांच की गई.
