सतना : जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का मानसिक उत्पीडऩ, धमकी भरा व्यवहार, अभद्र भाषा और पद का दुरुपयोग किए जाने जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा. भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त मंत्री पुष्पेंद्र दाहिया और जिला विधिक सलाहकार पद्मधर द्विवेदी के तत्वावधान में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हो रहे दुव्र्यवहार को लेकर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुचित्रा अग्रवाल के विरुद्ध एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया.
सीएमएचओ डॉ. एल के तिवारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान इस बात की शिकायत की गई कि जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुचित्रा द्वारा संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को बुरी तरह प्रताडि़त किया जाता है. जिला और संभागीय बैठकों में डीसीएम डॉ. ज्ञानेश मिश्रा और सीएचओ अधिकारियों के विरुद्ध नालायक निकम्मा और औकात नहीं होने जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग डॉ सुचित्रा द्वारा किया जाता है.
इतना ही नहीं बल्कि जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुचित्रा द्वारा संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को यह कहकर धमकाया जाता है कि वे महिला हैं लिहाजा सबकी नौकरी खां जाएंगी और उत्पीडऩ अधिनियम में फंसा देंगी. इसी कड़ी में डॉ. सुचित्रा अग्रवाल द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप देना, ताने देना और धमकी भरे व्यवहार के साथ-साथ सोशल मीडिया ग्रुप में भी सार्वजनिक तौर पर अपमानित करती हैं.
गठित हो निष्पक्ष जांच समिति
भारतीय मजदूर संघ और संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा मामले की शिकायत सीएमएचओ, कलेक्टर और ांसद से पहले भी कई बार की जा चुकी है. लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई. जिसके चलते मांग की गई कि तत्काल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच समिति गठित की जाए. सभी संबंधित कर्मचारियों के बयान लेकर रिपोर्ट तैयार की जाए. जांच पूरी होने तक डॉ. अग्रवाल को कर्मचारियों से सीध संपर्क करने से रोका जाए. यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं होती है तो संङ्क्षवदाकर्मी प्रशासनिक कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन कार्य बहिष्कार और जिला स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे.
