इंदौर: शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है और न ही निर्णय लिया गया है. वहीं लोहा मंडी क्षेत्र के मुहाने पर अग्रसेन चौराहे की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है.शहर में कई ऐसे मार्ग है जो एक सीमा से दूसरी सीमा तक सीधे चलते हुए कई क्षेत्रों को जोड़ते हैं, जिसके चलते इन मार्गों पर लगातार यातायात लगातार दौड़ता है. इनमें टॉवर चौराहा से लेकर महात्मा गांधी चौराहा जैसा लम्बा मार्ग भी हैं.
पूरे मार्ग पर सैकड़ों कालोनियां, बस्तियां और व्यावसायिक क्षेत्र जुड़े हुए हैं. इसी मार्ग के बीच अग्रसेन चौराहा जो कि लोहा मंडी का मुख्य द्वार ही समझा जाता है. लोहा मंडी में प्रवेश करने के लिए ट्रकों को इसी चौराहा से गुजरना पड़ता है और इसी चौराहा से स्कूल बसें, चार पहिया वाहन और सैकड़ों दो पहिया वाहन गुज़रते हैं. स्थानीय यातायात सुबह दस से रात्रि नौ बजे तक एक जैसा दौड़ता है.
इन्हीं के बीच यातायात को चीरते हुए सैकड़ों ट्रक भी लोहा मंडी की तरफ प्रवेश करते हैं. हालांकि अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हुई लेकिन महीने में कई बार छुटपुट घटनाएं होती आ रही है जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है. जो बड़ी घटना की ओर इशारा कर रहा है. बताया जाता है कि यहां से प्रवेश करने पर गुप्त शुल्क भी वसूला जाता है. एक यही कारण है जिस कारण भारी वाहन ट्रकों का प्रवेश रात्रि कालीन में बदला नहीं जा रहा हैं. आमजन की माने तो पिछली कुछ घटनाओं के कारण लोगों में डर बना हुआ है.
इनका कहना है
पिछले कुछ वर्षों से शहर के यातायात में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में कई यातायात नियमों ने बदलाव की आवश्यकता है जिसमें ऐसे मार्ग को चिन्हित करें जहां ट्रकों का प्रवेश ज्यादा होता है.
– कपिल भिलवारे
टॉवर चौराहे से छावनी आने जाने के लिए सैकड़ों लोग गुजरते हैं. ट्रकों के कारण जाम से लंबी कतारें लग जाती है. ऐसे में आपातकाल सेवाएं प्रभावित होती है. छात्र-छात्राएं एवं महिलाएं असुरक्षित होती है.
– यश कराले
इस मार्ग पर दो पहिया वाहन की संख्या ज्यादा है. ऐसे में ट्रकों का बीच में घुसना बड़ी घटना का अंदेशा बढ़ाता है. अनहोनी को टालने के लिए ट्रकों का प्रवेश समय बदलना चाहिए.
– प्रकाश वर्मा
