इंदौर:बरलाई क्षेत्र में प्रस्तावित शुगर फैक्ट्री के खिलाफ प्रभावित किसानों का धरना-प्रदर्शन रविवार को तय समय से पहले ही शुरू हो गया. बड़ी संख्या में किसान फैक्ट्री परिसर पहुंचे और जमीन पर अधिकार, काम पर रोक व उचित मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी की. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मंच से ऐलान किया कि पार्टी पूरी मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है और आंदोलन को हर स्तर पर उठाया जाएगा.
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार ने आंदोलन को कमजोर करने के लिए दबाव की रणनीति अपनाई. उनके अनुसार मंत्री समर्थकों ने जहां प्रशासन पर दबाव बनाया, वहीं किसानों को आंदोलन में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया और प्रकरण बनाने की धमकियां दीं, फिर भी बड़ी संख्या में प्रभावित किसान धरने में पहुंचे. कांग्रेस नेताओं और किसानों ने इन हरकतों की कड़ी निंदा करते हुए परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने सरकार को चेताते हुए कहा कि मामला विधानसभा व लोकसभा में उठाया जाएगा और फरवरी में सांवेर, देपालपुर, मऊ व कलेक्टर कार्यालय पर चरणबद्ध प्रदर्शन होंगे. वहीं, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना सेठिया ने इसे किसानों के परिवार का सवाल बताते हुए संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिलाया.
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगे
प्रशासन को दिए ज्ञापन में किसानों ने फैक्ट्री का काम तत्काल रोकने, जमीन के बदले बाजार मूल्य से चार गुना भुगतान या अंशधारी किसानों की समिति बनाकर निर्णय लेने तथा हजारों पेड़ काटे जाने पर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
