
जबलपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल के द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बैनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किये है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बैनर्जी ने साल नवंबर 2020 में कोलकाता में आयोजित सभा में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय को एक सभा में गुंडा कहा था। जिसके बाद आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल में उनके खिलाफ मानहानि का प्रकरण दायर किया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने सांसद अभिषेक बैनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किये थे।
एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को निरस्त किये जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिकाकर्ता सांसद अभिषेक बैनर्जी की तरफ से तर्क दिया गया कि वह वर्तमान सासंद हैं और उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित से राहत प्रदान करने आवेदन प्रस्तुत किया गया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने आवेदन पर विचार नहीं करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे तथा मनन अग्रवाल ने पैरवी की।
