स्‍मार्ट मीटर को लेकर पूर्व क्षेत्र कंपनी ने उपभोक्‍ताओं को दिया संदेश

जबलपुर: विद्युत् उपभोक्ताओं को पारदर्शी और वास्तविक खपत आधारित बिलिंग प्रणाली प्रदान करने की दिशा में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं के घरों एवं प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं । कंपनी द्वारा अब तक लगभग 12 लाख उपभोक्ताओं के यहाँ स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं । इस बीच स्मार्ट मीटर को लेकर आम जनता के बीच कुछ भ्रांतियां फ़ैल रही है तथा कुछ संगठनों द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा, उपभोक्ता के डाटा की प्राइवेसी और स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित करने वाली एजेंसी की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं।

पूर्व क्षेत्र कंपनी ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि उनका निजी डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दिशा निर्देश एवं डेटा संरक्षण नियम के परिपालन में स्मार्ट मीटर का डाटा, भारत में स्थापित क्लाउड डाटा सेंटर में ही रखा गया है। जहां तक स्मार्ट मीटर स्थापित करने वाली एजेंसी अल्फ़ानार के डीपीआईआईटी सर्टिफिकेट का प्रश्‍न है, अल्फ़ानार भारत में एक कंपनी के रूप में पंजीकृत है तथा इसे 17 मार्च 2023 को भारत सरकार की आरडीएसएस परियोजना की नोडल एजेंसी ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटर टेंडरों में भाग लेने के लिए एएमआईएसपी के रूप में पंजीकृत किया गया था। अल्‍फानार एवं इस्यासॉफ़्ट द्वारा कंपनी में चल रही स्मार्ट मीटरिंग परियोजना से सम्बद्ध सभी कर्मचारी भारतीय ही हैं तथा मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के किसी भी अधिकारी के बच्चे इन कंपनियों में सेवारत नहीं हैं ।

कंपनी ने ये भी कहा है कि अल्फ़ानार इंदौर के टेंडर में निर्धारित समय में वांछित दस्तावेज व स्पष्टीकरण समय पर नहीं दे पाने के कारण अस्वीकृत हुई थी, जबकि मध्य क्षेत्र एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनियों में अपेक्षाकृत अधिक समय मिलने के कारण अल्फ़ानार ने सभी वांछित स्पष्टीकरण एवं दस्तावेज निर्धारित समय पर प्रस्तुत कर दिए, जिसके परिणामस्वरूप वह इन दोनों डिस्कॉम्स में क्वालीफाई हो गयी ।

पूर्व क्षेत्र कंपनी का कहना है कि उपभोक्ताओं को आधुनिकता के साथ उच्च गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से ही स्मार्ट मीटर स्थापित किये जा रहे हैं, अतः स्मार्ट मीटर और निर्माता कंपनी के विरुद्ध सभी आशंकाएं निर्मूल हैं, अगर उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर में खपत की गणना को लेकर कोई शंका हो तो वे चेक मीटर लगाकर इसे परख सकते हैं तथा स्‍मार्ट बिजली ऐप के माध्‍यम से इस पर सतत् निगरानी रख सकते हैं ।

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