नयी दिल्ली, 17 सितंबर (वार्ता) सरकार देश में ड्रोन के परिचालन के लिए एक अलग कानून बनाने की तैयारी में है जिसमें ड्रोन की खरीद-बिक्री, परिचालन, नियमों के उल्लंघन की स्थिति सजा तथा जुर्माने से लेकर तीसरे पक्ष का बीमा और हर्जाना तक के नियम तय होंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नागर ड्रोन (संवर्धन एवं विनियमन) विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया है, जिसे आगामी शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किये जाने की उम्मीद है। मंत्रालय ने आम लोग, उद्योग और अन्य हितधारकों से 30 सितंबर तक मसौदे पर टिप्पणी, सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की है।
मसौदा में नियमों का उल्लंघन करने पर जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि हर ड्रोन का यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) होना जरूरी है। साथ ही उसमें संबंधित प्राधिकरण द्वारा तय नियमों के अनुसार सुरक्षा मानक भी होने चाहिये।
केंद्र और राज्य सरकारों तथा उनके द्वारा प्राधिकृत एजेंसियों के पास किसी क्षेत्र को ड्रोन के संचालन के लिए रेड जोन या येलो जोन घोषित करने का अधिकार होगा। रेड जोन में ड्रोन उड़ाने से पहले केंद्र सरकार और रेड जोन घोषित करने वाली एजेंसी से और येलो जोन के लिए उस इलाके के एटीसी अधिकारी से अनुमति की आवश्यकता होगी। इस नियम का उल्लंघन संज्ञेय एवं ”समझौते की संभावना से परे” (नॉन-कॉग्निजेबल) अपराध माना जायेगा, जिसके लिए तीन साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
साथ ही हर ड्रोन के साथ तीसरे पक्ष का बीमा भी अनिवार्य होगा। यदि ड्रोन के कारण हुई किसी दुर्घटना में किसी की जान चली जाती है, तो उसके वैध वारिस को ढाई लाख रुपये का हर्जाना बीमा कंपनी देगा। गंभीर रूप से घायल होने वाले को एक लाख रुपये का हर्जाना मिलेगा। हर्जाने के लिए आवेदन घटना के छह महीने के भीतर देना होगा। इसके लिए मोटर दुर्घटना दावा ट्राइब्यूनल को दावा प्राधिकरण नियुक्त किया जायेगा और उसके पास सिविल कोर्ट के अधिकार होंगे।
विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि ड्रोन के लिए एयरस्पेस मैप तैयार किया जायेगा, जिसके बाहर उसका परिचालन नहीं किया जा सकेगा। यह मैप एक निश्चित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी एजेंसी को हवाई क्षेत्र प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की जिम्मेदारी दी जायेगी।
ड्रोन से किसी व्यक्ति, हथियार, खतरनाक वस्तुओं या ऐसी किसी वस्तु का ले जाना प्रतिबंधित होगा, जिसके अन्य मार्गों से ले जाने पर प्रतिबंध है। साथ ही ड्रोन के हथियार की तरह या किसी अपराध में इस्तेमाल को भी अवैध माना जायेगा।
ड्रोन से संबंधित किसी प्राधिकृत एजेंसी के निर्देशों के उल्लंघन के लिए पहली बार में 50 हजार रुपये या तीन महीने की जेल या दोनों का प्रावधान किया गया है, भले ही उस अपराध के लिए अलग से किसी सजा का प्रावधान न हो। अपराध दोहराने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा या दोनों का प्रावधान मसौदा विधेयक में रखा गया है।

