इंदौर: बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और उसके साथियों की जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी. शिलांग जेल में बंद सोनम और चार आरोपियों ने तीन दिन पहले जमानत के लिए याचिका दायर कर दावा किया था कि उनका हत्या से कोई संबंध नहीं है और पुलिस ने बिना ठोस साक्ष्यों के उन्हें फंसाया है.
गौरतलब है कि 11 जून को विवाह के बाद सोनम अपने पति राजा के साथ हनीमून मनाने शिलांग गई थी. वहीं उसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह, आकाश सिंह राजपूत, आनंद कुर्मी और विशाल ठाकुर की मदद से राजा की हत्या कर शव को खाई में फेंक दिया था, ताकि मामला हादसा लगे. लेकिन शिलांग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सात दिन तक जांच की और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर इसे हत्या का मामला मान लिया
. इसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की मदद से तीन आरोपियों को पकड़ा था. सोनम शातिराना ढंग से इंदौर से भागकर गाजीपुर पहुंच गई थी और वहां ढाबे पर रुककर भाई को फोन लगाकर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया. पुलिस जांच में सामने आया कि पूरे षड्यंत्र की मास्टरमाइंड सोनम ही थी. इस बीच साक्ष्य मिटाने में शामिल इंदौर और ग्वालियर के तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया था, हालांकि उन्हें जमानत मिल चुकी है. पुलिस ने हाल ही में 790 पन्नों की चालान डायरी अदालत में पेश कर सभी आरोपियों पर षड्यंत्र, हत्या, आर्म्स एक्ट और सबूत मिटाने की धाराएं लगाई हैं.
वरिष्ठ वकीलों की टीम खड़ी की
उधर, राजा के भाई गोविंद ने आरोपियों की जमानत रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों की टीम खड़ी की है, जबकि सोनम की ओर से भी उसके परिजनों ने वकील तैनात किए हैं. सूत्रों का कहना है कि आज अदालत जमानत याचिका खारिज कर सकती है, ऐसे में आरोपियों को दीपावली तक जेल में ही रहना पड़ सकता है. फिलहाल सभी कि निगाहें अदालत की कार्रवाई पर है.
