उज्जैन:अंततः फ्रीगंज ओवरब्रिज का निर्माण धरातल पर शुरू हो गया है, लंबे समय से चर्चित फ्रीगंज ओवरब्रिज आरओबी के निर्माण को लेकर अलग-अलग प्रकार के कयास लगाए जा रहे थे. ऐसे में अब उहापोह का दौर खत्म हो गया है, मौके पर मशीन पहुंच गई है.सेतु-विकास निगम युद्व स्तर पर साइड-क्लियर कर रहा है, पेड़ों की छंटाई और पोल शिफ्टिंग, पुराने निर्माण हटाने और साइट पर उपकरण तैनात करने का काम चल रहा है. मंगलवार को भी चामुंडा चौराहा से लेकर ग्रांट होटल के सामने तक काम चलता रहा.
दिसंबर 27 तक ब्रिज तैयार
नवभारत से चर्चा में सेतु विकास निगम के अधिकारी पीएस पंत ने बताया प्रोजेक्ट को सिंहस्थ-2028 दिसंबर-2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, बारिश की वजह से बीच में काम रुका रहा और अब तेजी से साइट क्लियतर की जा रही है.
ब्रिज पर एक नजर
योजना के अनुसार नया ब्रिज 21.40 मीटर चौड़ा होगा और कुल लंबाई (रेलवे हिस्से सहित) लगभग 633 मीटर का रखा गया है, इसमें रेलवे पर लगभग 68 मीटर का स्पैन होगा. यह पुराने और नए शहर को जोड़ने तथा फ्रीगंज क्षेत्र में लगातार लगने वाले जाम/ट्रैफिक संकट को कम करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है.
58 करोड़ का ठेका
अहमदाबाद की चेतन कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को ठेका दिया गया है, सिविल वर्क पर 58 करोड़ रुपए खर्च होंगे हालांकि दूसरे बिंदुओं पर 20 से 25 करोड रुपए खर्च होंगे जिसका आकलन बाद में किया जाएगा.
रेल्वे अनुमति और सेतु निगम की भूमिका
रेलवे की तकनीकी मंजूरी मिल चुकी है और बताया जा रहा है कि रेलवे-पर बने हिस्से (रेलवे स्पैन) का निर्माण भी सेतु विकास निगम के माध्यम से ही किया जाएगा. रेलवे की तरफ से कुछ मर्टर/साइट से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी है. इस कारण रेलवे-सम्बन्धी हिस्से का समन्वय सेतु निगम और रेलवे कंसल्टेंट के साथ चल रहा है.
प्रशासनिक स्थिति और चुनौतियाँ
प्रोजेक्ट के टेंडर कई बार निरस्त हुए,पुनः जारी होते रहै,अधिकारी बदलते रहे, कभी-कभी समय सीमा/तकनीकी शर्तो की दिक्कत आई. मुख्य सचिव-स्तर पर भी टेंडर प्रक्रिया में हुई, ऐसे में ठेका शर्ते, लागत और समय के साथ अन्य बदलाव हुए हैं.
