
गुना। जिले के बमोरी क्षेत्र में वन भूमि पर लंबे समय से चल रहे विवाद और हाल ही में हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। चाकरी गांव में वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आधा दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनों के साथ मैदान में उतरकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जे में बोई गई मक्के की फसल को जेसीबी से नष्ट कर करीब 300 बीघा से अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस मौके पर एसडीओपी विवेक अष्ठाना एवं एसडीएम, तहसीलदार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, वहीं राजस्व अमला और वन विभाग की पूरी टीम कार्रवाई में शामिल रही। मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि इसी चाकरी गांव में कुछ दिन पहले भील और भिलाला समाज के बीच वन भूमि पर कब्जे को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था। इस विवाद में 55 वर्षीय गंगाराम भील की मौत हो गई थी और दर्जनभर से अधिक लोग घायल हो गए थे।
खूनी संघर्ष के बाद कड़ा कदम
चाकरी और चिकारी गांव के बीच वन भूमि पर कब्जे का विवाद वर्षों से चला आ रहा था। प्रशासन ने पंचायत के जरिए समाधान की कोशिश की, लेकिन विफल रही। इसके बाद 9 सितंबर को दोनों पक्षों के बीच झगड़ा इतना बढ़ा कि पथराव और हथियारों का इस्तेमाल हुआ। गंगाराम भील की मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। मृतक के परिजनों ने गांव में शव रखकर विरोध किया और 16 घंटे तक प्रशासन को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। बाद में पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार पुलिस बल की मौजूदगी में कराया गया। झगड़े के बाद बमोरी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए और 12 सितंबर को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बावजूद गांव में तनाव बरकरार था। इसी पृष्ठभूमि में सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की सख्त कार्रवाई की, ताकि भविष्य में फिर से इस तरह की स्थिति न बने।
आधा दर्जन जेसीबी से चली कार्रवाई
सोमवार सुबह से ही वन विभाग और प्रशासन की टीम सुरक्षा घेरे में गांव पहुंची। देखते ही देखते जेसीबी मशीनों से खेतों में लगी मक्के की फसल पर पंजा चलना शुरू हुआ। कार्रवाई इतनी व्यापक थी कि पूरे दिनभर चली और शाम तक करीब 300 बीघा से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन शासकीय वन भूमि है, जिस पर किसी भी तरह की निजी खेती या कब्जा अवैध है।
पुलिस बल की सतर्क तैनाती
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए विभिन्न थानों से पुलिस बल बुलाया गया था। भारी सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई में वन विभाग, पुलिस और राजस्व अमले की संयुक्त भूमिका रही। स्थानीय प्रशासन ने साफ किया कि आगे भी वन भूमि पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। अन्य गांवों में भी जहां-जहां वन भूमि पर कब्जा किया गया है, वहां अभियान चलाया जाएगा।
इनका कहना है
– वन विभाग द्वारा चाकरी में अतिक्रमण पर कार्रवाई की है। हमारा पूरा पुलिस फोर्स मौके पर उपस्थित रहा। कार्रवाई शांतिपूर्ण रही। इस दौरान करीब 300 बीघा से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा हटाया गया।
विवेक अष्ठाना, एसडीओपी गुना ग्रामीण
