इंदौर: लोक अदालत में नगर निगम को शनिवार शाम तक 28 करोड़ रुपए राजस्व आय हो गई थी. निगम को देर रात तक तक 40 करोड़ रूपए राजस्व मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि आज भी नगर निगम संपत्ति कर जमा करने का पोर्टल 2 घंटे बंद रहा. इस कारण जनता न सिर्फ परेशान हुई, बल्कि कई झोन कार्यालय पर जनता ने आक्रोश भी व्यक्त किया.
आज नगर निगम के सभी झोन कार्यालय, रजिस्ट्रार कार्यालय और मुख्यालय पर लोक अदालत लगाई गई थी. लोक अदालत में संपत्ति कर में 50 हजार बकाया और जल कर में 10 हजार बकाया पर करदाताओं को सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी गई थी. इसके तहत शहर के हजारों करदाताओं ने छूट का लाभ उठाते हुए करीब 28 करोड़ रुपए संपत्ति कर और जल कर के जमा किए है.
नगर निगम के सभी कार्यालय पर रात 11 बजे तक छूट का लाभ दिया जाएगा. नगर निगम को आज लोक अदालत से करीब 40 करोड़ रुपए राजस्व मिलने की उम्मीद है. निगम राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने लोक अदालत को लेकर शाम 6 बजे तक करीब 15 से ज्यादा झोन कार्यालय पर जाकर अधिकारियों और जनता से व्यवस्थाओं का जायजा लिया. दो झोन कार्यालय पर महापौर भी व्यवस्था देखने पहुंचे थे. लोक अदालत के दो दिन पूर्व महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम के सभी राजस्व अधिकारियों को 50 करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य दिया था.
दो घंटे पोर्टल बंद रहने से जनता हुई आक्रोशित
संपत्ति कर और जलकर में छूट का लाभ लेने जनता निगम झोन कार्यालय पहुंची, लेकिन सुबह 11 से 1 बजे तक दो घंटे पोर्टल बंद रहा. इससे जनता आक्रोशित हो गई और कई जगह कतार में लगे लोग भड़क उठे और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल करने लगे.
इस मामले की जानकारी मिलते ही राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान मौके पर पहुंचे, तो उनको भी जानता के आक्रोश का सामना करना पड़ा. चौहान ने जनता को समझाइश दी कि आपको सुविधा का लाभ बराबर मिलेगा. पोर्टल भोपाल से संचालित होता है और तकनीकी खराबी आई है तो जैसे ही ठीक होगा, आपकी राशि जमा कर ली जाएगी. राजस्व प्रभारी द्वारा समझाने के बाद जनता शांत हुई और 1 बजे बाद पोर्टल शुरू होने पर निगम अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली.
