नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने विशेष कानूनों के तहत मामलों की सुनवाई के लिए समर्पित अदालतों की आवश्यकता पर शुक्रवार को एक बार फिर ज़ोर दिया।
न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने महेश खत्री उर्फ भोली की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जातायी।
पीठ ने कहा कि मौजूदा संख्या के भीतर ही मामलों को निर्धारित करने से अन्य अदालतों पर बोझ बढ़ेगा। इसके समाधान के लिए न्यायिक अधिकारियों की कैडर संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए।
