
देवास/बरोठा। बरोठा पुलिस ने बहु-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उन आरोपियों को पकड़ा है जो फर्जी कागज़ात और नंबर बदलकर पुरानी बसों को नई दिखाने का धंधा कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि 2010 मॉडल की बस को दस्तावेज़ों में 2022 बनाकर पंजीकृत कराया गया था। गिरोह के पास से नकली पंजीकरण प्रमाणपत्र, बदले हुए नंबर और संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और संगठित तरीके से बसों की असली पहचान बदलकर उन्हें रोडवर्थी साबित करता था। इससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी। प्रारंभिक जांच में परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।
मामले में FIR दर्ज कर कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। बरामद दस्तावेज़ों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और अन्य राज्यों से भी सहयोग मांगा गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध पंजीकरण या दस्तावेज़ संबंधी जानकारी तुरंत थाने में दें।
