
जबलपुर। दोपहर के ठीक 12 बजे से ही शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई देने लगी थी। हाथों में एडमिट कार्ड, चेहरे पर तनाव और उम्मीदों का मिश्रण लिए छात्र-छात्राएं समय से पहले ही पहुंच गए थे।जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां 2 बजे के करीब पहुंचीं, केंद्रों के बाहर सुरक्षा और सख्त होती नजर आई। प्रवेश द्वार पर हर अभ्यर्थी की गहन जांच की गई।मेटल डिटेक्टर, फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। जानकारी के अनुसार इस वर्ष जबलपुर में कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 23 केंद्रों पर 10,417 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जबकि 9,860 परीक्षार्थियों ने वास्तविक रूप से परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक एक ही पाली में संपन्न हुई।
निरीक्षक रखे थे अभ्यर्थियों पर नजर
परीक्षा कक्षों के अंदर भी सख्ती साफ दिखाई दी। हर कमरे में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई गई। निरीक्षक लगातार अभ्यर्थियों पर नजर बनाए हुए थे। प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी केंद्रों का निरीक्षण करते रहे, जिससे पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रही। कई केंद्रों पर अभिभावक बाहर खड़े होकर अपने बच्चों के लिए दुआ करते नजर आए।
समय से पहुंचने का मिला लाभ
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया गया। निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। कई छात्रों को समय से पहले पहुंचने के निर्देश का लाभ मिला, जिससे जांच प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के पूरी हो सकी।
