नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने गुरुवार को कहा कि विजन 2047 को साकार करने में हरित ऊर्जा आधारित मोबिलिटी की केंद्रीय भूमिका होगी।
श्री गोयनका ने यहां वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के 65वें वार्षिक अधिवेशन के विशेष आम सत्र को संबोधित करते हुये कहा कि वाहन उद्योग का महत्व आंकड़ों से परे अर्थव्यवस्था में इसके योगदान, आधुनिक विनिर्माण और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम की मजबूत पारिस्थितिकी में है। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, और विजन 2047 का साकार करने में हरित ऊर्जा पर आधारित मोबिलिटी की केंद्रीय भूमिका होगी। स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षित सड़कों से जीवन की गुणवत्ता में सुधार आयेगा, ऊर्जा में आत्मनिर्भरता से राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ेगी और निर्यात से समृद्धि आयेगी।
उन्होंने कहा कि उनकी सोच है कि देश के कुल वाहन उत्पादन का 50 प्रतिशत निर्यात हो। ईवी और हाइड्रोजन आधारित वाहनों के क्षेत्र में भारत दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।
प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने देश की अर्थव्यवस्था में वाहन उद्योग की भूमिका को रेखांकित करते हुये इस सेक्टर से सरकार के अनुसंधान राष्ट्रीय रिसर्च फाउंडेशन में भागीदारी और पूरे वैल्यू चेन के निर्माण के लिए नवाचार की अपील की। वाहन उद्योग को जैव ईंधन, गैस ईंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिये।
भारी उद्यम मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने कहा कि सरकार साल 2015 से ही इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित कर रही है। वाहन उद्योग ने भी 8,900 चार्जर और 10,900 इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण कर पूरा साथ दिया है, अब उसे इलेक्ट्रिक भारी वाहन पर फोकस करना चाहिये।
हुंडई मोटर्स के प्रबंध निदेशक उनसो किम ने कहा कि भारत इस समय वाहन उद्योग में हरित ऊर्जा स्रोत अपनाने की दिशा में निर्णायक क्षण से गुजर रहा है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में हाल में किये गये सुधारों से घरेलू विनिर्माण मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
टीवीएस मोटर कंपनी के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.एन. राधाकृष्णन ने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है और अनुसंधान एवं विकास में काफी निवेश हो रहा है। इसमें दुपहिया और तिपहिया कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में श्रेष्ठ आपूर्ति श्रृंखला है, लेकिन हमें स्थानीय प्रतिभा के विकास पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।

