
नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच शहर में ईदगाह के पास शेल्टर हाउस के समीप गौसेवकों की सूचना पर पुलिस ने एक पिकअप वाहन को पकड़ा। इस वाहन में जानवरों की हड्डियां भरी हुई थीं। गौ रक्षा दल और बजरंग दल से जुड़े गौसेवकों ने वाहन में भरी सामग्री और उसकी शहर में मौजूदगी को लेकर संदिग्ध गतिविधियों की आशंका व्यक्त की है।
पिकअप पकड़े जाने के बाद कैंट थाने पर गौसेवकों ने विरोध जताया। गौसेवकों का कहना है कि यदि मृत पशुओं की हड्डियों का ठेका रामनगर और चिताखेड़ा में है, तो वाहन को सीधे वहीं से ले जाना चाहिए था, उसे नीमच शहर में क्यों लाया गया
पिकअप वाहन रामनगर-चिताखेड़ा ठेके से जुड़ा
पिकअप वाहन के संबंध में जीशान कुरैशी ने बताया कि उनके चाचा अब्दुल कादिर का रामनगर-चिताखेड़ा में मृत पशुओं की हड्डियां एकत्रित करने का ठेका है। जीशान कुरैशी भाजपा अल्पसंख्यक कार्यकर्ता है।, उसने बताया कि पहले भी इस तरह की एक गाड़ी सिटी थाने पर पकड़ी गई थी, जो उनसे संबंधित थी और बाद में छोड़ दी गई थी।
गौसेवक कृष्ण पाल सिंह ने आशंका व्यक्त की कि नगर पालिका के शेल्टर हाउस के पास से पिकअप पकड़ी गई है, जिससे उन्हें संदेह है कि अन्य जानवरों के साथ गौ-वध भी किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के 2003 के आदेश का हवाला देते हुए मृत गोमाता को समाधि देने की बात कही और सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने कार्रवाई कर सामग्री नष्ट की
सूचना मिलने पर नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया और तहसीलदार अजेंद्र नाथ कैंट थाने पहुंचे। कैंट थाना प्रभारी और अन्य अधिकारियों ने गौसेवकों और वाहन से जुड़े लोगों से चर्चा की।
नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि नगर पालिका अपने स्तर पर मृत पशुओं को उठाती है। उन्होंने कहा कि यह मामला नीमच नगर पालिका क्षेत्र में आने के कारण अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई। पिकअप को रामनगर भेजकर मंगलवार-बुधवार की देर रात उसमें भरी सभी सामग्री को नष्ट कर दिया गया।
