दुबई 11 सितंबर (वार्ता) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाफ मैच में तीन विकेट लेने वाले भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने कहा है कि ऑलराउंडर के तौर पर मैच हमेशा गेंदबाजी के लिए तैयार रहता हूं।
दुबे ने यूएई के खिलाफ मिली जीत के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आज एक अच्छी शुरुआत मिला और यह काफ़ी अहम था। एक ऑलराउंडर के तौर पर मैं हमेशा चार ओवर गेंदबाजी के लिए तैयार रहता हूं। जब भी तीन-चार ओवर डालने का मौका मिलेगा, मैं उसके लिए तैयार हूं। मैं वही करूंगा जिसकी टीम को जरूरत होगी। कप्तान और कोच ने पहले ही कह दिया था कि मैं (एशिया कप में) गेंदबाजी करूंगा। मेरे गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। मैं लंबे समय से तैयारी कर रहा था कि जब भी मौका मिलेगा, मैं तैयार रहूंगा। आज का नतीजा उसी तैयारी का परिणाम है।” दुबे ने माना कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में आईपीएल के दौरान उनकी भूमिका ज़्यादातर पावर-हिटर की रही है, लेकिन उन्होंने गेंदबाज़ी पर भी लगातार काम किया है। दुबे ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर कहा, “सवाल में ही जवाब है। ऑलराउंडर की भूमिका कम हो गई है। इसलिए आईपीएल में मेरे लिए गेंदबाजी करना ज़रूरी नहीं रहा। लेकिन मेरी ओर से मैं हमेशा तैयार था। हर मैच में मैं गेंदबाजी के लिए तैयार रहता था। आईपीएल से पहले भी मैंने दो महीने अपनी फिटनेस और गेंदबाजी पर मेहनत की है।”
दुबे ने अपने एक्शन और एप्रोच को निखारने का श्रेय मॉर्कल को दिया। अभ्यास सत्र में दोनों लगातार बातचीत करते रहे हैं। मॉर्कल ने हाल ही में कहा था कि दुबे जैसे खिलाड़ी को दबाव की स्थिति में गेंदबाजी का आत्मविश्वास दिलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड सीरीज (जनवरी-फरवरी) में उन्होंने मुझे कुछ बातें बताई थीं। उन्होंने कहा था कि वाइड लाइन से गेंद डालो। कुछ गेंदों को एंगल का प्रयोग करते हुए धीमी गति से डालो। उन्होंने रन-अप पर भी काम करने की सलाह दी थी। इन्हीं 2-3 चीजो से मेरी गेंदबाजी बेहतर हो रही है। मैंने अपनी रफ्तार भी बढ़ाई है।”
उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर भी उतना ही ध्यान दिया और मेहनत की। आईपीएल 2025 और अब के बीच उन्होंने मुंबई में बहुत अभ्यास किया। उन्होंने तेज बाउंसर और शरीर पर आती गेंदों से निपटने पर काम किया। एशिया कप का पहला मैच आईपीएल के बाद उनका पहला बड़ा मुकाबला था। उन्होंने कहा, “मैं अपनी बल्लेबाजी में कुछ नए शॉट्स जोड़ने का प्रयास कर रहा था। कुछ जगहों पर तो मैं आसानी से मार लेता हू, लेकिन तेज गेंदबाज मुझे शॉर्ट बॉल से निशाना बनाते हैं। मैंने आईपीएल में और उसके बाद भी इस पर बहुत मेहनत की है। साथ ही मैं अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे रहा था।”
हार्दिक पांड्या से तुलना के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हार्दिक मेरे लिए भाई जैसे हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल का बहुत अनुभव है। उनसे मुझे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में काफी कुछ सीखने को मिला है। मैंने कभी अपनी तुलना उनसे नहीं की है। बस यही सोचा है कि उनसे कुछ सीखकर मैं स्वयं को बेहतर बना सकूं।”
