जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट में अभिनेता अक्षय कुमार व अरशद वारसी अभिनीत फिल्म जॉली एलएलबी-थ्री के गाने भाई वकील है को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगल पीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए फिल्म के निर्माता व निर्देशक को अनावेदक बनाये जाने के आदेश जारी किये है। युगल पीठ ने कहा है कि निर्माता व निर्देशक को आवश्यक पक्षकार नहीं बनाया बिना मामले का निपटारा कैसे हो सकता है। युगल पीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 12 सितम्बर को निर्धारित की है।
जबलपुर साउथ सिविल लाईन निवासी अधिवक्ता प्रांजल तिवारी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि फिल्म के ट्रेलर और गाने मेरा भाई वकील में न्यायपालिका व वकालत के पेशे को अपमानजनक तरीके से चित्रित किया गया है। इससे समूचे विधि जगत व न्याय तंत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है। गाने के बोल के माध्यम से वकालत जैसे नोबल प्रोफेशन को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया गया है।
गाने के बाले रगो में तगड़मबाजी है, हर ताले की चाबी है, लगा के सेटिंग ऐसी रखी, बॉॅस भी हमसे राजी है, गाड़ी ठोंक के गोली मार, पकड़ी ड्रग चली तलवार, हर केस की पैकेज डील है, फिक्र ना कर तेरा भाई वकील है, कबीरा इस संसार में, सबसे सुखी वकील, जीत गए तो मोटी फीस, हार गए तो अपील, यह शब्दावली सर्वथा अनुचित है। याचिका ने भाई वकील है, गाने में अभिनेता अक्षय कुमार व अरशद वारसी द्वारा वकालत का बैंड पहनकर नाचने को भी मानहानिकारक निरूपित किया है।
उनका तर्क है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण की पैरवी के दौरान वकील बैंड लगाते हैं और गाउन पहनते हैं। इससे साफ है कि वकालत के गणवेश की अपनी महत्ता है, जिसे इस तरह मनोरंजन के नाम पर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।याचिका में राज्य शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग, सचिव सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली और चेयरमैन सेंट्रल बोर्ड आफ फिल्म सर्टिफिकेशन को पक्षकार बनाया गया है। युगलपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई बाद उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ अधिवक्ता प्रमोद ठाकरे ने पैरवी की।
