रायपुर, 14 फरवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को एक ज्ञापन दिया है।
पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्य के सीईओ से मुलाकात कर फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। आप ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ को बताया कि वर्तमान एसआईआर अभियान में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में अत्यधिक सख्ती बरती जा रही है, जबकि नाम काटने के मामलों में पहचान और सत्यापन की नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पार्टी ने विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम काटे जाने की ओर ध्यान आकर्षित किया। पार्टी का दावा है कि राज्य के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में इन्हीं समुदायों से जुड़े मतदाताओं के नामों पर असामान्य रूप से अधिक आपत्तियां दर्ज हुई हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर मामला है जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। साथ ही फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि यदि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा। हालांकि, आप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि आयोग ने इस मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।
सीईओ कार्यालय पहुंचने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव वदूद आलम, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी, रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान, रायपुर जिला अध्यक्ष नवनीत नंदे, जिला महासचिव नरेंद्र ठाकुर, सुरेन्द्र बिसेन और सनोज दास सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
