
यरुशलम 09 सितंबर (वार्ता) यरुशलम के रामोट जंक्शन पर सोमवार की सुबह आतंकवादी हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी और 21अन्य घायल हो गए जिसके बाद इजराइल ने पश्चिमी तट में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दो बंदूकधारी रामोट जंक्शन पहुंचे और बस स्टॉप पर इंतजार कर रहे लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी। एक सशस्त्र नागरिक और सुरक्षा अधिकारी ने जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलायी जिसमें दोनों हमलावर घटनास्थल पर ही मारे गए।
यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार आपातकालीन सेवा ने घायलों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
इजराइली रक्षा बलों ने चार कंपनियों को इलाके में भेजा और रामल्लाह के पास कई गांवों को घेर लिया। सेना ने पुष्टि की है कि उसने आगे के हमलों को रोकने के लिए मेनाशे ब्रिगेड के नेतृत्व में एक ब्रिगेड-स्तरीय अभियान शुरू किया है। अतिरिक्त संदिग्धों की तलाश के लिए अभियान जारी रहने के कारण यरुशलम और पश्चिमी तट में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन करने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। गाजा, यहूदिया और सामरिया में और दुर्भाग्य से यहां यरुशलम में भी युद्ध जारी है।”
इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने हमले को जघन्य कृत्य बताया और जवाबी कार्रवाई की प्रतिबद्धता जतायी। उन्होंने कहा, “आज के आतंकवादी हमले के गंभीर और दूरगामी परिणाम होंगे। जिस तरह हमने उत्तरी सामरिया में फिलिस्तीनी आतंकवाद को हराया, उसी तरह हम जल्द ही अन्य आतंकवादी शिविरों में भी ऐसा ही करेंगे।”
फिलहाल किसी भी संगठन ने औपचारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है , हालांकि हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) दोनों ने हमले का समर्थन किया है।
