
उज्जैन। शिप्रा नदी में गिरी पुलिस कर्मियों की कार के 44 घंटे बाद सोमवार शाम एसआई का शव भैरवगढ़ पुल के समीप से मिल गया। महिला आरक्षक की तलाश जारी है। सुबह कार का बंपर मिलना सामने आया था। इससे पहले रविवार सुबह कार में सावर थाना प्रभारी का शव मिला था।
शनिवार रात बड़े पुल से उन्हें थाना प्रभारी अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल कार सहित शिप्रा नदी में गिर गए थे। रविवार सुबह थाना प्रभारी का शव निकाल लिया गया था। एसआई और महिला आरक्षक की तलाश जारी थी। 44 घंटे बाद मंगलवार शाम को भैरवगढ़ पुल के समीप से एसआई मदनलाल निनामा का शव भी मिल गया। भैरवगढ़ थाना पुलिस बॉडी पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लेकर पहुंची। दिवंगत एसआई के परिजन भी रतलाम से उज्जैन पहुंच गए थे। आरआई रणजीत सिंह, भैरवगढ़ थाना प्रभारी रघुनाथ शक्तावत, उप निरीक्षक शोभाराम किरार और अन्य अधिकारियों ने परिवार को सांत्वना दी और अंतिम संस्कार के समय की जानकारी प्राप्त की। परिजनों ने रतलाम के सैलाना स्थित गांव में मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की बात कही। परिजनों का कहना था कि वह आज ही बॉडी लेकर सैलाना जाएंगे। देर शाम दिवंगत मदनलाल निनामा का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस विभाग की ओर से शव रतलाम के सैलाना ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई।
महिला आरक्षक की तलाश में रेस्क्यू
थाना प्रभारी अशोक शर्मा और एसआई का शव मिलने के बाद महिला आरक्षक आरती पाल तलाश में रेस्क्यू अभियान लगातार जारी था। तलाशी अभियान के दौरान सोमवार सुबह शिप्रा नदी में गिरी कार का बंपर बड़े पुल से काफी दूर ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के समीप शिप्रा नदी से मिलना सामने आया था। बंपर पर नंबर प्लेट लगी थी जो एमपी 13 सीसी 7292 होना सामने आई। जो पुलिस कर्मियों की कार की थी। कार आरती की होना बताई गई है।
तलाशी अभियान में 90 जवान शामिल
शनिवार रात हुए हादसे के बाद रविवार सुबह से ही होमगार्ड, एसडीआरएफ और धार से आई एनडीआरएफ की टीम में शामिल 90 जवान कार के साथ शिप्रा में गिरे पुलिस कर्मियों की तलाश में लगे हैं। तलाशी अभियान में सभी अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने और गंदा होने के चलते रेस्क्यू में परेशानी आ रही है। विदित हो कि थाना प्रभारी श्री शर्मा का अंतिम संस्कार उज्जैन में किया गया। जिसमें उन्हें गॉड आफ आनर दिया गया था।
