
इरशाद खान मक्सी। मक्सी के मुख्य रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाला मार्ग अब लोगों के लिए परेशानी का दूसरा नाम बन चुका है. यह रास्ता वर्षों से बदहाल हालत में है और अब तो स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है.
मक्सी स्टेशन व्यस्त जंक्शन है यहां पर हमेंशा बड़ी संख्या में यात्री आना जाना करते हैं. लेकिन भीड़भाड़ और आवाजाही के बीच यह मार्ग कई बार कष्ट का कारण बन जाता है. इन दिनों पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले मक्सी रेलवे स्टेशन मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. सडक़ के दोनों ओर साइड शोल्डर नहीं होने से दोनों ओर पानी जमा हो गया है. जिससे लगातार फिसलन पैदा हो गई है, जलजमाव से सडक़ पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं, वाहन से तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है. चारों ओर गड्ढे, उबड़ खाबड़ रास्ता और घने झाड़ यही है मक्सी स्टेशन तक का हाल. सबसे बड़ी समस्या तब होती है जब स्कूली बच्चे स्कूल जाने के लिए पैदल, बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति इस मार्ग से गुजरते हैं.
वीवीआईपी भी गुजरते हैं यहीं से, फिर क्यों नहीं दिखती बदहाली
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह मार्ग मक्सी जंक्शन से जुड़ता है. जहां आए दिन वीवीआईपी, सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं. फिर भी यह रास्ता उनकी आंखों से कैसे बचा हुआ है, यह एक बड़ा सवाल है. क्या सुविधाएं सिर्फ कागज़ों में ही दी जा रही हैं.
स्टेशन पहुंचना बना जोखिम भरा सफर…
रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को कई बार गाडिय़ों से उतरकर पैदल ही जाना पड़ता है, बरसात के मौसम में तो यह रास्ता कीचड़ और फिसलन का दलदल बन जाता है. रात के समय यह रास्ता भय का पर्याय बन जाता है. घनी झाडिय़ों और रोशनी की कमी के चलते यहां असामाजिक तत्वों और जंगली जानवरों के छिपने का खतरा बढ़ जाता है. महिलाएं और बुजुर्ग खासतौर पर इस मार्ग पर चलने से डरते हैंं.
इनका कहना है
पाइपलाइन डलने के कारण सरफेस खराब हो गया था, उसको विभाग के द्वारा ठीक करा दिया जाएगा.
विजय चौहान, एई पीडब्ल्यूडी
