
सुसनेर। किसानों की मुश्किलें हर साल बढ़ती जा रही हैं। सोयाबीन की खेती में लागत दोगुनी हो चुकी है, लेकिन उत्पादन लगातार घट रहा है। बारिश, उमस और कीटों के प्रकोप ने फसल की हालत खराब कर दी है। कई किसानों ने तीन-तीन बार कीटनाशक का छिड़काव किया, फिर भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
किसानों का कहना है कि मंहगे बीज, खाद और कीटनाशक पर खर्च करने के बाद भी न तो लागत निकल पाती है और न ही शासन से किसी प्रकार की राहत मिलती है। सोयाबीन के अलावा दूसरा विकल्प नहीं होने से मजबूरी में किसान यही फसल बो रहे हैं, जबकि मक्का जैसी अन्य फसलों को जंगली जानवर नष्ट कर देते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगली सूअर और अन्य जानवरों से करीब 30-40 प्रतिशत तक फसल नष्ट हो जाती है, लेकिन कृषि विभाग कोई सहयोग नहीं करता।
इसी समस्या को लेकर 11 सितम्बर को कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन करेगी। विधायक भैरोसिंह परिहार बापू ने बताया कि यह आंदोलन दोपहर 12 बजे से होगा। इसमें किसान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्रसिंह चौहान सहित कई विधायक शामिल होंगे।
