जबलपुर: शहर में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और बत्तमीजी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए ये चालक न केवल यात्रियों से बदसलूकी कर रहे हैं, बल्कि राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहे हैं। शहर के दीनदयाल बस स्टैंड, दमोह नाका, चेरीताल, तीन पत्ती, पुराना बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन मदन महल आदि इलाकों में ई-रिक्शा चालकों द्वारा मनचाही जगहों पर सवारी उतारना- चढ़ाना आम हो गया है। कई मामलों में यात्रियों से तय किराए से अधिक वसूली की भी शिकायतें सामने आई हैं।
किराए के साथ अवैध वसूली
शहर में दौड़ रहे अधिकतर ई रिक्शा चालक नशे में धुत्त नजर आते हैं। हाल ही में दीनदयाल चौक पर गुरुवार को ई- रिक्शा चालक किराया लेने के बाद भी रुपयों की मांग करते हुए एक व्यक्ति के साथ अभद्रता की थी, साथ ही धमकी देकर भाग निकला था। जिसमें वह सवारी उतारने के बाद किराया लिया और अपने ई- रिक्शा के पहले से टूटे हुए कांच को बनवाने के लिए रुपए की मांग कर रहा था, जब व्यक्ति द्वारा उसका विरोध किया गया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया, विरोध करने के बाद वह चालक धमकी देता हुआ वहां से भाग निकला। जिसकी शिकायत व्यक्ति द्वारा माढोताल थाना में
लिखित रूप से की गई है।
कुछ के पास लाइसेंस और नंबर भी नहीं
ई- रिक्शा चला रहे शहर में ऐसे बहुत से चालक हैं जिनके पास वाहन चलाने का लाइसेंस ही नहीं है,वहीं इसके अलावा कई ई- रिक्शा चालक ई-रिक्शा में नंबर भी नहीं लिखे गए हैं। जिसके कारण अगर वह अपराध या नियमों का उल्लंघन करते हैं तो नंबर ना होने के कारण पुलिस उनको पकड़ पाना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं कई नाबालिक भी ई- रिक्शा चलाते हुए नजर आते हैं। जिन पर जिला प्रशासन द्वारा सख्ती से कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण उनकी मनमानी और धमाचौकड़ी दोनों ही बढ़ती जा रही है।
