सतना : दीपावली और मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाली अस्थायी दुकानों से लिए जाने वाले बाजार बैठकी शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को महापौर ने नामंजूर कर दिया. लिहाजा अब परिषद द्वारा इस मामले पर विचार किया जाएगा.गुरुवार को नगर निगम कार्यालय के महापौर कक्ष में नगर सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई.
इस बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रस्तावों में से एक दीपावली पर्व पर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर लगने वाली अस्थयी दुकानों से वसूल किए जाने वाले बैठकी शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल था. जिसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 की बैठकी शुल्क निर्धारित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जानी थी. यह प्रस्ताव सामने आते ही महापौर योगेश ताम्रकार ने सिरे से खारिज कर दिया.
प्रस्ताव को अस्वीकृत करने के साथ ही महापौर ने एक वर्ष पूर्व की भांति वसूली किए जाने की अनुशंसा भी कर दी. जिसे देखते हुए महापौर द्वारा की गई अनुशंसा को परिषद के विचार के लिए भेज दिया गया. इसी कड़ी में मकर संक्रांति मेला के अवसर पर सतना नदी, उर्मिलादास अखाड़ा और कृपालपुर में लगने वाले उक दिवसीय मेले में लगने वाली अस्थायी दुकानों से की किए जाने वाले बैठकी शुल्क में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया. इसे भी महापौर श्री ताम्रकार ने अस्वीकृत करते हुए बैठकी शुल्क और पार्किंग शुल्क की दरें एक वर्ष पूर्व के अनुसार ही रखने की अनुशंसा की. जिसे देखते हुए इस मामले को भी परिषद के विचार के लिए भेज दिया गया.
एक बार मिलेगी 6 फीसदी की छूट
गुरुवार को आयोजित मेयर इन कौंसिल की बैठक में यह प्रस्ताव सामने आया कि नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ऐसे भवन जहां पर सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित है. ऐसे भवनों को उसी वित्तीय वर्ष में एक बार संपत्तिकर में 6 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से हरी झण्डी दे दी गई.
