नयी दिल्ली, 04 सितंबर (वार्ता) वाहन डीलरों के महासंघ (फाडा) ने गुरुवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद के फैसलों से मांग को बढ़ावा मिलेगा और देश का परिवहन तंत्र मजबूत होगा।
जीएसटी परिषद ने बुधवार को जीएसटी के स्लैबों को चार से घटाकर दो करने और दरों को युक्तिसंगत बनाने के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी।
फाडा के अध्यक्ष एम.सी. विघ्नेश्वर ने एक बयान में जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक को देश के ऑटोमोबाइल रिटेल उद्योग के लिए “एक महत्वपूर्ण क्षण” बताया है। उन्होंने कहा, “फाडा उन साहसिक और प्रगतिशील सुधारों का हार्दिक स्वागत करता है जो कर संरचना को सरल बनाते हैं, सार्वजनिक परिवहन के लिए दरों को कम करते हैं और सभी राज्यों में आम सहमति स्थापित करते हैं। यह एक निर्णायक कदम है जो सामर्थ्य को बढ़ायेगा, मांग को बढ़ावा देगा और देश के परिवहन तंत्र को और अधिक मजबूत तथा समावेशी बनायेगा।”
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चत करना महत्वपूर्ण है कि ग्राहकों तक लाभ निर्बाध रूप से पहुंच सके। इसके लिए बिना किसी रुकावट के कार्यान्वयन महत्वपूर्ण होगा क्योंकि त्योहारों का मौसम नजदीक आ रहा है।
फाडा ने डीलरों के खातों में वर्तमान में पड़े उपकर बैंलेंस पर स्पष्टीकरण की मांग की है ताकि परिवर्तन के दौरान कोई अस्पष्टता न रहे।
श्री विघ्नेश्वर ने कहा कि फाडा सरकार और जीएसटी परिषद के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि जीएसटी 2.0 को एक आदर्श सुधार बनाया जा सके जो उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों के लिए सरल, पारदर्शी और विकासोन्मुखी।
उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार रात करों में बदलावों की घोषणा की थी। इसके तहत छोटे यात्री वाहनों और 350 सीसी तक के दुपहिया वाहनों को 18 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है। तिपहिया वाहन, बस और एम्बुलेंस को भी 18 प्रतिशत के स्लैब में जगह मिली है। वहीं, अन्य वाहनों पर 40 प्रतिशत कर लगाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा था कि इस दिवाली से पहले आम लोगों को जीएसटी के अगली पीढ़ी के सुधारों के रूप में विशेष उपहार मिलने जा रहा है।
