वाशिंगटन, 01 सितंबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क घटा कर ‘नगण्य’ करने की पेशकश की है, “लेकिन अब देर हो चुकी है।”
श्री ट्रंप ने सोमवार को अपने सोसल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत ने लंबे समय से अमेरिकी उत्पादों पर दुनिया में सबसे अधिक कर लगाता आ रहा है और इस कारण दोनों देशों के बीच व्यापार एकतरफा है। उन्होंने इसे “एकतरफा विनाश” बताया।
अमेरिका राष्ट्रपति ने लिखा, “उन्होंने (भारत ने) अब आयात शुल्क घटाकर नगण्य करने की पेशकश की है, लेकिन अब देर हो चुकी है। उन्हें बहुत पहले ऐसा करना चाहिये था।”
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर 01 अगस्त से 25 प्रतिशत कर दिया था जिसे 27 अगस्त को दो गनुना कर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। अमेरिका के इस कदम के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गयी है।
श्री ट्रंप ने कहा कि काफी कम लोग यह समझते हैं कि अमेरिका भारत से काफी कम व्यापार करता है, जबकि भारत अमेरिका से काफी व्यापार करता है। उन्होंने इसकी व्याख्या करते हुए लिखा है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ग्राहक है और भारत उसे बड़ी मात्रा में सामान बेचता है जबकि वह अमेरिका से बहुत कम खरीदता है।
उन्होंने भारत में अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे आयात शुल्क को इसका कारण बताया हुये कहा, “यह पूरी तरह से एकतरफा विनाश था।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर रूस से तेल खरीदने के लिए भारत की आलोचना की। उन्होंने कहा, “भारत ज्यादातर कच्चा तेल और सैन्य उत्पाद रूस से खरीदता है, हमसे उसकी खरीदारी बहुत कम है।”
उल्लेखनीय है कि श्री ट्रंप ने 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर लगाये गये 25 प्रतिशत आयात शुल्क को रूस से कच्चा तेल और सैन्य उपकरण की खरीद जारी रखने के कारण दंडात्मक कार्रवाई बताया है। उनका तर्क है कि भारत का यह कदम यूक्रेन में रूस की कार्रवाई को मदद दे रहा है।
