
छिंदवाड़ा। इस वर्ष मानसून के आगमन में हुए विलंब के कारण कन्हरगांव जलाशय में जलस्तर प्रभावित हुआ है, जिसके चलते नगर निगम द्वारा शहर एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में सुचारू जलप्रदाय बनाए रखने के लिए व्यापक वैकल्पिक प्रबंध किए जा रहे हैं। प्राकृतिक रूप से जल स्रोतों में हुई कमी को देखते हुए महापौर विक्रम अहके के निर्देशन में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी और व्यावहारिक निर्णय लिए गए। नगर निगम के भरतादेव स्थित फिल्टर प्लांटों के संचालन हेतु कन्हरगांव जलाशय से ग्रेविटी पाइपलाइन के माध्यम से रॉ वॉटर (कच्चा पानी) प्राप्त होता है। मानसून के लेट आने के कारण कन्हरगांव जलाशय की कुल 26 एमसीएम क्षमता में से 23 एमसीएम लाइव स्टोरेज पूर्णत: खाली हो गया है, जिससे ग्रेविटी पाइपलाइन में पानी का स्वाभाविक प्रवाह उपलब्ध नहीं हो पा रहा था और भरतादेव स्थित फिल्टर प्लांटों के संचालन में तकनीकी व्यवधान उत्पन्न हुआ। वर्तमान स्थिति में कन्हरगांव जलाशय में शेष 3.9 एमसीएम जल डेड स्टोरेज के रूप में उपलब्ध है।
डेड स्टोरेज से पानी किया जाएगा लिफ्ट ००००
महापौर विक्रम अहके के विशेष प्रयासों से कन्हरगांव जलाशय के डेड स्टोरेज पर विभिन्न क्षमता के पोंटून पंप (फ्लोटिंग पंप) स्थापित किए जा रहे हैं। इन पोंटून पंपों के माध्यम से डेड स्टोरेज के पानी को लिफ्ट कर मुख्य ग्रेविटी पाइपलाइन में भेजा जाएगा, जिससे भरतादेव स्थित फिल्टर प्लांटों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।
नया ट्रांसफार्मर लगाने दिए निर्देश ००००
विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए महापौर विक्रम अहके द्वारा कन्हरगांव जलाशय में 200 केवी का नया ट्रांसफार्मर तत्काल स्थापित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इसके साथ ही महापौर की पहल पर निगम के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल संकट से राहत देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के बंद पड़े समस्त बोरवेलों को तत्काल प्रभाव से सुधार कर जल आपूर्ति हेतु खोल दिया गया है, ताकि सभी नागरिकों को निर्धारित क्षेत्रों में नियत समय पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके ।
