नई दिल्ली, केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष कोविड-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाये भुगतान की मांग फिर से उठाई है। कोरोना काल के उस संकटपूर्ण समय में सरकार ने 34,402.32 करोड़ रुपये बचाने के लिए डीए की तीन किश्तें रोक दी थीं, जिसे लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सरकार का स्पष्ट रुख
आयोग की बैठकों में उठ रही इस मांग के बावजूद, वित्त मंत्रालय ने अपना रुख पहले ही साफ कर दिया है। सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि कोविड के दौरान आर्थिक तंगी के कारण डीए की किश्तें रोकी गई थीं और फिलहाल इस बकाया राशि के भुगतान का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, बजट पर दबाव को देखते हुए पुराने 18 महीने के डीए का भुगतान करना तर्कसंगत नहीं है, जिससे कर्मचारियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
वेतन आयोग की कार्यप्रणाली
आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके अनुसार मई 2027 तक रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है। इस बीच, आयोग ने कर्मचारी संगठनों के साथ परामर्श का दौर तेज कर दिया है और आगामी दिनों में भुवनेश्वर व कोलकाता में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित होने वाली हैं। केंद्रीय कर्मचारियों को नए वेतनमान का लाभ मिलने के लिए अभी मध्य या अंत 2027 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

