
सेंधवा। शुक्रवार को दिन भर हुई झमाझम बारिश ने सेंधवा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से देर रात तक जारी रिमझिम और तेज बारिश से निचले क्षेत्रों में पानी भर गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए। शहर से लगी गोई नदी उफान पर रही, जिससे बारद्वारी फिल्टर प्लांट की 30 हॉर्स पावर मोटर पानी में डूब गई। नया बस स्टैंड क्षेत्र में निर्माणाधीन सडक़ पर बने गड्ढों में एक कार फंस गई, जिसे लोगों की मदद से निकाला। इसी इलाके में हीरालाल राठौर व दीपक राठौर के घरों में पानी घुस गया, जिससे परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली गुल होने से भी मुश्किलें और बढ़ गई।
उधर राजपुर और ओझर क्षेत्र में डेब नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। नदी पर बने पुल से पानी बहने लगा और दोनों ओर की रेलिंग बह गई, जिससे पुल को नुकसान पहुंचा और यातायात बाधित हुआ। ओझर-नागलवाड़ी, घुसगांव, गोलवाड़ी और केली गांवों का संपर्क टूट गया। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल से गुजरने पर प्रतिबंध लगाया और लगातार मुनादी कर लोगों से दूर रहने की अपील की। भारी बारिश के चलते कई घरों, दुकानों और गणेश पंडालों में पानी घुस गया।
ग्रामीण इलाकों में नुकसान भी सामने आया है। सेंधवा के ग्राम कालापाठ में किसान मंसाराम नरगावे के खेत में पानी बहने से मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई। वहीं ओझर क्षेत्र में बाढ़ के पानी में एक ट्रैक्टर बह गया। प्रजापत समाज के ईंट भट्टों को भी भारी नुकसान हुआ। नदी किनारे स्थित दुकानदार रात भर अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
