अपनी सर्वोच्च फॉर्म के साथ एशिया कप के लिए तैयार है अर्शदीप सिंह

बेंगलुरु, 30 अगस्त (वार्ता) भारत के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह दलीप ट्रॉफी में कड़ी तैयारी के बाद एशिया कप 2025 में अपनी सर्वोच्च फॉर्म के साथ अबु धाबी में अपनी टीम मे योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

एशिया कप टूर्नामेंट में भारत का पहला मैच 10 सितंबर को यूएई से होगा, उसके बाद भारतीय टीम पाकिस्तान और ओमान के खिलाफ मैच खेलेंगी। अर्शदीप ने टूर्नामेंट के लिए अपनी फिटनेस, अनुकूलन क्षमता और मानसिक दृढ़ता को लेकर कड़ी मेहनत की है यह टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के सबसे अधिक 21 विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे अर्शदीप ने बेंगलुरु में ईस्ट जोन के खिलाफ नॉर्थ जोन के साथ दलीप ट्रॉफी में अपने कार्यकाल का उपयोग अपने शारीरिक और मानसिक खेल को बेहतर बनाने के लिए किया।

दलीप ट्रॉफी में दूसरे दिन 17 ओवर डालने वाले अर्शदीप ने कहा, “मुझे जितने ओवर मिले, उससे मुझे बहुत अच्छा लगा। 15-17 ओवर के बाद मेरा शरीर ठीक महसूस करता है और गेंद भी अच्छी तरह से आ रही है। आज ज़्यादा विकेट नहीं मिले, लेकिन भविष्य में जरूर मिलेंगे।”

उन्होंने कहा कि उनका वर्तमान ध्यान मानसिकता पर है, खासकर लाल गेंद वाले क्रिकेट के ‘उबाऊ समय’ का आनंद लेना सीखना।

उन्होंने साथी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की सलाह का श्रेय देते हुए कहा, “लंच के बाद के सत्र में, ज्यादातर गेंद कुछ नहीं करती। आप उस दौर का कितना आनंद लेते हैं, यह बताता है कि आप लाल गेंद वाले क्रिकेट में कितने सफल हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि यह मानसिक दृष्टिकोण, धैर्य और निरंतरता बनाए रखने में मदद करेगा, जो कि लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों ही प्रारूपों में महत्वपूर्ण गुण हैं। मैचों से ब्रेक के दौरान, अर्शदीप ने लंबे स्पैल के कार्यभार को संभालने के लिए अपनी ताकत, कंडीशनिंग और फिटनेस पर बेहद काम किया।

आगामी एशिया कप के लिए अपनी अनुशासित तैयारी को लेकर उन्होंने कहा, “जब आप खेल नहीं रहे होते हैं, तो आप प्रशिक्षण में अपनी सीमाओं को पार कर जाते हैं। ज्यादा ओवर, अधिक ताकत, ज्यादा अभ्यास। हमारा लक्ष्य है कि जब भी मौका मिले, तैयार रहें।”

प्रारुप बदलना महत्वपूर्ण होगा और अर्शदीप सहज बदलाव सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही सफेद गेंद से अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “लाल गेंद, सफेद गेंद या गुलाबी गेंद, आपको क्रिकेट खेलना होगा और उसका आनंद लेना होगा। मानसिकता इस बारे में है कि आप स्थिति, विकेट और मौसम के अनुसार कितनी जल्दी ढल सकते हैं। यह जानना महत्वपूर्ण है कि कब प्रयास करना है और कब ऊर्जा बचानी है।”

 

 

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