इंदौर:शहर को स्वस्थ बनाने की कोशिशें जहां की जा रही है वहीं दूषित जल की समस्या भी बरकरार है. शिकायत मिलने पर क्षेत्रीय पार्षद अपनी ओर से प्रयास करते हैं लेकिन नगर निगम की इंजीनियर टीम विफल रहती है. उन्हें पता नहीं चल पाता कि नर्मदा लाईन में दूषित जल कहां से रिसाव हो रहा है.जंजीर वाला चौराहे के पास ही पड़ने वाला क्षेत्र पंचम की फेल जो कि वार्ड क्रमांक 46 में आता है.
यहां क्षेत्र तंग गलियों में घनी बस्ती में बसा हुआ है, जिसका क्षेत्र फल काफी बड़ा भी है. क्षेत्र में नर्मदा पानी की आपूर्ति बहुत बेहतर है लेकिन यहां पेय जल बहुत ही ज़्यादा दूषित है जो पीने के योग्य नहीं होता. गणेश धाम मंदिर क्षेत्र के रहवासियों ने बताया कि पिछले दो-तीन महिनों से नलों में पानी पूरी तरह से गंदा आ रहा है जिसके कारण लोगों को कई तरह की बीमारियां भी हो रही है. क्षेत्रवासी इसी दूषित पानी को पीने को मजबूर है क्योंकि क्षेत्र में पानी को कोई दूसरा साधन नहीं है. हालांकि कुछ वर्ष पहले क्षेत्र में सरकारी बोरिंग किया गया था लेकिन उसमें पानी नही आ सका, जिसके चलते उसे बंद कर दिया गया. तब से दूसरा बोरिंग आज तक नहीं किया गया.
इनका कहना है
पिछले कुछ महिनों से पीले रंग का गंदा पानी आ रहा है. लोग उसे ही वापरते हैं. इस दूषित पानी के कारण अधिकांश क्षेत्र वासियों को मंुह में छाले और कुछ बीमारियां हो रही है.
– प्रकाश बंदावड़े
पहले बहुत ही गंदा पानी आता था. अब ऐसा पानी आ रहा है जो लोगों को बीमार कर रहा है. ऐसे में कोई दूसरी सुविधा नहीं है. अगर क्षेत्र में बोरिंग लग जाए तो सुविधा होगी.
– कमला बाई
फिटकरी या कोई दवा डालने के बाद भी गंदा पानी साफ नहीं हो पाता. मजबूरन यही पानी लोगों को खाने पीने में इस्तेमाल करना पड़ रहा है. साफ पानी मिले तो बोरिंग की ज़रूरत नहीं.
– गीता बरवा
जल्द ही करेंगे निराकरण
लाइन चेकिंग करने के लिए गड्ढे करना पड़ेंगे. बरसात में लोगों की परेशानियां बढ़ जाएंगी. जल्द ही इसका निराकरण करवाउंगी. लोगों को बोरिंग की ज़रूरत है तो इसके लिए भी मैं प्रयास करूंगी.
– सैफू कुशवाह, पार्षद
