
देवास/उदयनगर। तहसील के ग्राम विशाली में खनिज विभाग द्वारा सर्वे नंबर 176/2/2 रकबा 2.900 हेक्टेयर पर नेचरल माइनिंग एंड मिनरल्स को संगमरमर की खदान स्वीकृत की गई है। बीते दो वर्षों से यहां कार्य चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लीजधारी अमजद पटेल की मनमानी से करीब 22 किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
किसानों का कहना है कि पहले खदान क्षेत्र से पानी की निकासी तीन स्थानों से होती थी, लेकिन ठेकेदार ने इन मार्गों को बंद कर दिया। इससे खेतों में पानी भर गया और छोटे किसानों की 1-2 बीघा जमीन की फसल डूबकर नष्ट हो गई। वहीं खदान क्षेत्र से जुड़े 10-12 किसानों के खेतों तक पहुंचने के रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं। नया रास्ता भी 20 फीट चौड़ा था, जिसे घटाकर मात्र 10-12 फीट कर दिया गया और फेंसिंग कर दी गई।
पंचायत सरपंच आप सिंह अलावा ने बताया कि पट्टाधारी ने न तो पंचायत को सूचना दी और न ही किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया। ग्रामीणों ने पूर्व में भी तहसील कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आज पुनः ज्ञापन देकर पानी निकासी बहाल करने व खेतों में भराव रोकने की मांग की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि माइंस प्रबंधन फोन तक नहीं उठा रहा है।
इनका कहना है…. बिसाली के किसान आये थे ज्ञापन दिया है जिनके खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो रही समस्या बताई है खदान ठेकेदार को नोटिस देकर बुला कर किसानों की समस्या हल की जाएगी
योगेंद्र सिह राठौड़ तहसीलदार उदयनगर
