इंदौर:शहर में सराफा व्यापारी एसोसिएशन द्वारा रात्रि कालीन खानपान की चौपाटी हटाने की मांग की जा रही है. सराफा एसोसिएशन ने 1 सितंबर से चौपाटी नहीं लगने देने का फरमान भी सुनाया है. वहीं शहर और अन्य लोगों का मानना है कि रात्रिकालीन चौपाटी शहर की देश विदेश में पहचान है. इस मामले में महापौर, विधायक से लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री और मुख्यमंत्री तक बात पहुंच गई है.
बताया जा रहा है कि सराफा में अराजकता को लेकर चाइनीज आयटम के ठेले मुख्य कारण है और पिछले कुछ सालों में ही यह ठेले बड़ा सराफा में लगे है. इन ठेलों के कारण ही सराफा की शांति और माहौल खराब हुआ है. पारंपरिक दुकाने मोरसली गली के पहले तक ही लगती है. कल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी दोनों तरह के दुकानदारों को आपसी समन्वय से समस्या का निदान करने का कहा है. कल एक बार फिर महापौर से दोनों व्यवसाय के व्यापारी मिलेंगे. उक्त मुद्दे को लेकर नवभारत अखबार सराफा के सोना चांदी व्यापारी और चौपाटी व्यापारियों के बीच पहुंचा. मौके पर पहुंचकर दोनों व्यापारियों के विचार जाने.
सराफा व्यापारियों के चौपाटी हटाने को लेकर तर्क –
वैभव श्री ज्वेलर्स के अशोक गुप्ता ने कहा कि चौपाटी की दुकानें रात 10 बजे बाद खुले तो कोई आपत्ति नहीं है. चौपाटी वाले शाम 7 बजे ही ठेले लेकर व्यापार प्रभावित करते हैं. उससे परेशानी होती है. कई बार चौपाटी आग्रह करने के बाद भी चौपाटी के ठेले वाले नहीं सुनते है और विवाद करने लगते हैं.
सोना चांदी व्यापारी निलेश नीमा ने कहा कि चौपाटी हटना चाहिए. बेवजह अतिक्रमण करके गैस सिलेंडर से खतरा व्यापारी को है. सोना महंगी धातु है, कोई दुर्घटना होती है, उस स्थिति में जनमानस के साथ व्यवसायिक नुकसान भी होगा. आज हालत बदल गए है और व्यापार देर रात तक का हों गया है.
अलंकार ज्वेलर्स के मितुल देसाई का कहना है कि चौपाटी नहीं लगना चाहिए. चौपाटी की आड़ में अनैतिक कृत्य होते हैं. महिलाओं से अभद्रता की जाती है. जो चीज खुले बाजार में नहीं बिकना चाहिए, वो यहां बिकती है. पुरातन चौपाटी के समय मीठा घर से बनाकर लाते थे और यहां बेचते थे.
सराफा बाजार बारूद के ढेर पर बैठा है. यहां मार्केट में बंगाली कारीगरों के हजारों गैस सिलेंडर है और बाहर चौपाटी वालों के अलग गैस सिलेंडर चलते है। जिस दिन कोई हादसा हो गया तो संभालें नहीं संभलेगा. विकराल रूप धारण कर लेगा और नुकसान का भी आंकलन नहीं कर पाएंगे.
देवीशा ज्वेलर्स के पुरषोत्तम शर्मा ने कहा कि चौपाटी से सराफा की पहचान नहीं है. वर्तमान में बड़े सराफा में ठेले लगे है, वो सब अभी 10-12 सालों में लगे है. चौपाटी को हटाने को लेकर तर्क दिया जा रहा है कि धरोहर है. शहर की धरोहर तो किशनपुरा की छत्रीयां है, न की चाट चौपाटी. छतरियों के पास पार्किंग भी है संजय सेतु पर भी जमीन है. 75-80 ठेले कहीं भी एडजस्ट हो जाएंगे और छत्रियों पर लाइट एंड साउंड का प्रोग्राम भी प्रशासन करे. सभी से लाइसेंस से लेकर विभिन्न तरह का टैक्स निगम को भी मिलेगा.
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने कहा कि हमारी संस्था व्यापारियों की तकलीफ और समस्या की लड़ाई लड़ रही है. चौपाटी को अन्यत्र स्थानांतरित कर दे या हमको कर दो. आज सराफा की सुरक्षा खतरे में है. व्यापारियों की समस्या को निदान करना एसोसिएशन का काम है. बहुत वर्षो से चौपाटी को लेकर व्यापारी परेशान है. स्थिति बिगड़ती जा रही है. कानून व्यवस्था की हालत से सभी चिंतित है. कोई हादसा हो गया तब क्या होगा? इसलिए चौपाटी हटाने की मांग कर रहे है.
चौपाटी एसोसिएशन व्यापारियों के विचार...
सराफा चौपाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम गुप्ता ने कहा कि हम कोई लड़ाई नहीं लड़ना चाहते है. व्यापारियों एसोसिएशन से बात हुई है. उनसे निवेदन किया है कि हम कमियों को दूर करेंगे. परंपरागत दुकानों को चयनित कर दे. गैस टंकियों के लिए सीजफायर रखेंगे. फायर की दो मोटर साइकिल खड़ी करने की व्यवस्था के लिए भी तैयार है. हम शासन प्रशासन के साथ है. व्यापारियों से निवेदन कर रहे है और करेंगे की हमारी दुकानें लगने दे. सराफा व्यापारी और हम चौपाटी वाले परिवार है.
नीमा कुल्फी के नटवर नीमा का कहना है कि हमारी पारंपरिक दुकानें हैं और हमारा आने का समय रात 9 बजे बाद का ही है. नई दुकान वाले शाम 7 बजे आ जाते है, उससे परेशानी है,उनकी गलती कारण हमको सजा क्यों देना चाहिए ? शहर में हटाने के बाद इतनी जगह कहा है? गैस सिलेंडर की बात व्यापारियों के बंगाली कारीगरों की हजारों टंकिया है. आज तक कुछ नहीं हुआ है. सिर्फ कुछ खानपान की वस्तुएं जैसे छोले टिकिया या भुट्टे का किस गैस टंकी आती है, क्योंकि उनको गरम ही देना होता है. कुछ मिठाईयां भी गरम करना होती है, जैसे गुलाब जामुन, जलेबी. आज ही चिमनबाग में फफाड़े वाले के यहां आग लग गई, वो जगह तो खुले में है ना? हम प्रशासन के बात करके साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे.
शर्मा छोले टिकिया वाले रूपनारायण शर्मा का खाना है कि मुझे 50 साल होने को आए है यहां टिकिया बेचते हुए. आज तक कोई घटना नहीं घटी है. रात को बाजार बंद होने के बाद हम ओटलो की साफ सफाई और धो कर जाते है, ताकि व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं हो. हमारी मांग है कि पुरानी दुकानों का नहीं हटाया जाए. हटाना है तो चाइनीज और अन्य कुछ भी बेच रहे है उनको हटाए. बीच का रास्ता निकाले कि व्यापारी व्यापार करे और चौपाटी भी लगी रहे. हम भी व्यापारियों की सुरक्षा का ध्यान रखने को पूरी तरह से तैयार है.
सांवरिया चाट के मुकेश पंड्या ने बताया कि सालों से दुकानें चला रहे है. ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ है. सीजफायर रख कर और ज्यादा सुरक्षित एवं ध्यान से व्यवस्था करने को तैयार है. मेरी दूसरी पीढ़ी है और करीब 40 सालों से दुकान लगा रहे है.
अग्रवाल आइसक्रीम के संचालक मुकेश अग्रवाल ने कहा कि शहर बड़ा होने के कारण जनता का आवागमन बढ़ गया है। सराफा थाना सामने है तो सुरक्षा की भी उतनी दिक्कत नहीं है. हम लोगों ने व्यापारियों से प्रार्थना की है कि हमारी रोजी रोटी आपके द्वारा ही चलती है. एसोसिएशन जो तय करेगा , उसके मानेंगे. बाजार में चाइनीज आयटम नहीं बिकना चाहिए और हम भी व्यापारियों की व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे।
