सिंगरौली: कोल इंडिया की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के सिंगरौली मुख्यालय का आज विस्थापन संघर्ष समिति ने घेराव किया। संघर्ष समिति के संरक्षक अमित कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि कंपनी विस्थापन की आड़ में भेदभाव कर रही है। सिंगरौली शहर के मोरवा क्षेत्र में 50,000 से अधिक मूल निवासी विस्थापित होंगे, लेकिन कंपनी ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें किस प्रकार का लाभ मिलेगा, घरों की क्षतिपूर्ति कैसे होगी और बसाहट कहां होगी।
संघर्ष समिति ने कहा कि विस्थापन नगर निगम क्षेत्र से ही होना चाहिए। एनसीएल के पीआरओ राम विजय सिंह ने कहा कि कंपनी की पॉलिसी स्पष्ट है और भविष्य में किसी समस्या पर लोकतांत्रिक बातचीत के जरिए समाधान किया जाएगा। जयंत कोयला खदान के विस्तार के लिए यह सबसे बड़ा शहरी विस्थापन माना जा रहा है।
