साय ने बढ़ाया मदद का हाथ, 72 मरीजों को 2.85 करोड़ की आर्थिक सहायता

जशपुर 28 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मरीजों के इलाज के लिए आगे आकर मदद का हाथ बढ़ाया तथा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 2.85 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।

परिवार का कोई सदस्य गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाए तो पूरा परिवार संकट में पड़ जाता है। ऐसे समय में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएँ जीवनरक्षक साबित होती हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीजों को पाँच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालों में मिलती है। पर जब इलाज और सर्जरी का खर्च इस सीमा से अधिक हो जाता है तो परिजन असहाय हो जाते हैं और इलाज के लिए लाखों रुपये जुटाना मुश्किल हो जाता है।

इसी कठिन परिस्थिति को देखते हुए श्री साय ने आगे आकर मदद का हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। यह राशि कैंसर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर और महंगी बीमारियों के इलाज के लिए सीधे संबंधित अस्पतालों के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दी गई है।

समय पर सहायता मिलने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और उनके परिजनों ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री साय का आभार जताया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए मरीज को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर सीएमएचओ कार्यालय में जमा करना होता है। आवेदन के साथ मरीज का आधार कार्ड, बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज और जिस अस्पताल में उपचार कराना है उसकी प्राकलन रिपोर्ट संलग्न करना अनिवार्य होता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद सहायता राशि सीधे अस्पताल के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है ताकि मरीज समय पर उपचार करा सके।

श्री साय के नेतृत्व में आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम हो रहा है। जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा की जा चुकी है और इसके लिए बजट भी सरकार जारी कर चुकी है। जमीन का चयन पूरा हो चुका है और कॉलेज खोलने की तैयारी अंतिम चरण में है। साथ ही अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और मानव संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि जिले के लोगों को बड़े शहरों की दौड़-भाग से राहत मिले और गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके।

 

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