बिलासपुर,28 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिलासपुर कोचिंग डिपो में रैक मेंटेनेंस के दौरान ओएचई तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसे ठेकाकर्मी प्रवीण बर्मन के इलाज में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभू दत्त गुरु की खंडपीठ ने मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए रेलवे महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को गुरुवार को अपराह्न 2:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और समय पर इलाज कराना रेलवे की जिम्मेदारी है ऐसे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत ने इलाज में हुई लापरवाही पर अदालत ने रेलवे प्रशासन से जवाब मांगा है।
साथ ही केंद्र सरकार का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा को भी नोटिस जारी कर तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
