नयी दिल्ली 09 फरवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और सेशेल्स ने साझेदारी को अगले चरण तक ले जाने के लिए एक संयुक्त विजन जारी किया जा रहा है और भारत ने सेेशेल्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसके लिए 17 करोड़ 50 लाख डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। श्री मोदी ने भारत की यात्रा पर आए सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ व्यापक वार्ता के बाद सोमवार को यहां संयुक्त वक्तव्य में यह घोषणा की। उन्होंने कहा, ” विकास साझेदारी भारत-सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव रही है। हमारे सभी प्रयास सेशेल्स की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर आधारित रहे हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए आज हम 17 करोड़ 50 लाख डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करने जा रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पैकेज आवास ,ई मोबिलिटी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं मैं सहयोग करेगा।
श्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स की साझेदारी एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। ” सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए आज हम ‘भारत-सेशेल्स संयुक्त विजन’ जारी करने जा रहे हैं जो आने वाले वर्षों में परस्पर सहयोग का रोड़मैप बनेगा।” उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल राजनयिक संपर्क तक सीमित नहीं है। हिंद महासागर की लहरें सदियों से हमारे लोगों को जोड़ती आई हैं। इसके तटों पर दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा, संस्कृतियाँ मिलीं और विश्वास की परंपराएँ मजबूत होती गईं। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स न केवल भूगोल से, बल्कि इतिहास, विश्वास और भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण से भी जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा , ” हमारा नाता कल, आज, और आने वाले कल का है। एक समुद्री पड़ोसी और विश्वसनीय साझेदार के रूप में सेशेल्स भारत के महासागर विजन का अभिन्न अंग है। हमारा सहयोग जल, थल और नभ को समाहित करता है। आज की चर्चाओं में हमने इस साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। अपने आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखने पर हम सहमत हैं। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के साथ साथ हम फिन टैक और डिजिटल समाधान के क्षेत्र में भी आगे बढ़ेंगे।” श्री मोदी ने दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर संबंधों को भारत–सेशेल्स संबंधों की सबसे बड़ी शक्ति करार दिया। उन्होंने कहा, ” सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय ने सेशेल्स के सामाजिक और आर्थिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसके साथ साथ उन्होंने हमारी मित्रता को पीढ़ी दर पीढ़ी मजबूत भी किया है।”
उन्होंने कहा कि सेशेल्स की क्षमता निर्माण में भारत के आईटीईसी कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा, ” मुझे खुशी है कि सेशेल्स के सिविल अधिकारियों के भारत में प्रशिक्षण के लिए आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जा रहा है। टेक्नॉलजी के क्षेत्र में करीबी सहयोग से हम अपने सहयोग को एक भविष्योन्मुखी दिशा दे रहे हैं। आज डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर एमओयू हो रहा है। इसके तहत हम भारत का सफल अनुभव सेशेल्स के साथ साझा करेंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सेशेल्स के लिए भारत एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार रहा है। किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति, मेडिकल टूरिज़्म, और स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे के विकास में हम सेशेल्स के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। ऊर्जा और जलवायु के क्षेत्र में हमारा सहयोग सतत विकास की साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित है। हम नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन समाधानों पर सहयोग को और विस्तार देंगे।” उन्होंने कहा कि रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा हमारी साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन से पूर्व सदस्य के तौर पर हम सेशेल्स का स्वागत करते हैं। इससे हमारा आपसी समन्वय सुदृढ़ होगा, और हिन्द महासागर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयासों को बल मिलेगा। श्री मोदी ने कहा कि मिलकर हम न केवल द्विपक्षीय सहयोग को आकार देंगे बल्कि हिन्द महासागर के लिए साझा भविष्य को भी आकार देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा , ” आज हमने पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और खेल के माध्यम इन संबंधों को और सशक्त बनाने पर विचार विमर्श किया। हम दोनों देशों के युवाओं के बीच आदान प्रदान बढ़ाने पर विशेष बल देंगे। आज की बैठक से यह स्पष्ट है कि भारत और सेशेल्स की साझेदारी एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए आज हम ‘भारत-सेशेल्स संयुक्त विजन’ जारी करने जा रहे हैं जो आने वाले वर्षों में परस्पर सहयोग का रोड़मैप बनेगा। “

