कोलंबो, 26 अगस्त (वार्ता) श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि श्री विक्रमसिंघे पर 2023 में ब्रिटेन की निजी यात्रा के दौरान सरकारी धन के दुरूपयाेग का आरोप लगा है।
श्रीलंका की स्थानीय मीडिया के अनुसार श्री विक्रमसिंघे क्यूबा और संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा से लौटते वक्त ब्रिटेन में रुके थे। ब्रिटेन के वॉल्वरहैम्प्टन विश्वविद्यालय में एक समारोह में श्री विक्रमसिंघे की पत्नी मैत्री विक्रमसिंघे को सम्मानित किया जाना था। पूर्व राष्ट्रपति पर इसी निजी यात्रा के दौरान सरकारी मद से लगभग एक करोड़ 70 लाख श्रीलंकाई मुद्रा (55,000डॉलर) खर्च करने का आरोप है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल दिलीपा पेइरिस ने कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में ज़मानत पर आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि ब्रिटेन यात्रा को उचित ठहराने के लिए इस्तेमाल किए गए निमंत्रण पत्र की “कोई कानूनी वैधता नहीं” है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि विक्रमसिंघे को मुकदमा समाप्त होने तक हिरासत में रहना चाहिए।
पूर्व राष्ट्रपति अस्वस्थता के कारण कोलंबो राष्ट्रीय अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती होने के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। अदालत में उनका प्रतिनिधित्व वकील तिलक मारापना सहित अन्य वरिष्ठ वकीलों के एक दल ने किया। इस मामले के कारण श्रीलंका में राजनीतिक गहमागहमी काफी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार से इस्तीफे की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि श्री रानिल विक्रमसिंघे 2022 से 2024 के दौरान राष्ट्रपति रहे थे और उन्होंने वित्तीय संकट के मुश्किल दौर में श्रीलंका का नेतृत्व किया था। हालांकि वह अनुरा कुमारा दिशानायके के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में उतरे थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
