
गुना। जिला अस्पताल में बच्चे का इलाज कराने पहुंचे प्रदीप प्रजापति के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। घटना के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में समाजजन पीड़ित प्रदीप के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्टोरेट पहुंचे तथा ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस मिलकर प्रकरण दबाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार भय के माहौल में जी रहा है। ज्ञापन के अनुसार, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर प्रदीप ने डॉ. केशव कुमार से मदद मांगी थी, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय गाली-गलौच और मारपीट की। इस दौरान नर्सों ने भी धक्का-मुक्की की, जिसमें प्रदीप की मां घायल हो गईं।
पीड़ित का कहना है कि बाद में सिविल सर्जन डॉ. वी.एस. रघुवंशी से मुलाकात के दौरान भी उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, मोबाइल छीना गया और डॉ. जयवीर रघुवंशी ने हमला कर जान से मारने की धमकी दी। प्रदीप ने दावा किया कि घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में कैद है, लेकिन साक्ष्य छिपाने के लिए कैमरों से छेड़छाड़ की गई।
समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में प्रदीप या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन, संबंधित डॉक्टरों और पुलिस की होगी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करे।
