मुनि श्री संधान सागर महाराज का कायोत्सर्ग मुद्रा में आत्मध्यान

भोपाल। संघस्थ मुनि श्री संधान सागर महाराज प्रत्येक सोमवार को विशेष तप साधना करते हैं। इस सोमवार को आहारचर्या के समय जब वे बाहर निकले तो श्रद्धालुओं ने विभिन्न विधियाँ लेकर स्वागत किया, किंतु मुनि श्री ने अलाप विधि का संकल्प लिया था। विधि उपलब्ध न होने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए आहार त्याग दिया और कक्ष में जाकर कायोत्सर्ग मुद्रा में ध्यानस्थ हो गए। प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि मुनि श्री लगातार 12 घंटे खड़े रहकर आत्मध्यान व तप में लीन रहे। वे प्रायः सोमवार को मौन और उपवास के साथ कर्म निर्जरा हेतु अनोखे तप करते हैं। 48 घंटे निराहार और जलत्याग के पश्चात उनकी आहारचर्या मंगलवार को होगी।

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