इंदौर: सुखलिया इलाके में रहने वाले एक वकील की मौत पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शनिवार शाम घर से अस्पताल ले जाने के बाद सही जांच के बिना मौत को ‘जहर खाने’ से जोड़ दिया गया और सीधे शव एमवाय भेज दिया गया. इस पर रविवार को अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ.मृतक नीरज पिता नरेंद्र सचान ब्रेन हेमरेज की बीमारी से जूझ रहे थे.
शनिवार शाम उन्हें भंडारी अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने पूर्व की बीमारी के दस्तावेज देखने के बावजूद मौत को संदिग्ध मानते हुए इसे जहर खाने का मामला बताया और शव एमवाय अस्पताल भेज दिया. मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पार्षद राजू भदौरिया अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से जवाब-तलब किया.
उन्होंने परिजनों द्वारा दिखाए गए इलाज से जुड़े दस्तावेज भी देखे और अस्पताल प्रशासन को लापरवाही के लिए फटकार लगाई. अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना पुलिस को दी. हीरानगर थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
