मुरैना: शनि अमावस्या पर आज मुरैना के शनिचरा पर्वत स्थित प्राचीन शनि मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और अब तक करीब 6 लाख श्रद्धालु भगवान शनि के दर्शन कर चुके हैं।लोक मान्यताओं के अनुसार यह वही स्थान है, जहां लंका दहन के समय हनुमानजी ने रावण की कैद से शनि देव को मुक्त कराया था।
यह मंदिर विश्व का एकमात्र स्थान है, जहां शनि देव मानव मूर्ति रूप में विराजमान हैं। माना जाता है कि महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में जो शिला है, वह भी यहीं से ले जाई गई थी। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु शनि पर्वत पहुंचे। भक्तों ने शनि अमावस्या पर सरसों का तेल और काले तिल अर्पित कर भगवान के दर्शन किए। अपने बाल और पुराने कपड़े दान किए तथा परिवार संग पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। मेले में 600 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहे। भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहा। विभिन्न स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट बनाए गए थे। दो ड्रोन से मेले की निगरानी की गई। वहीं एम्बुलेंस, पेयजल और प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाएं भी की गई थीं। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा।
