मुंबई, 21 अगस्त (वार्ता) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कंपनियों को प्रथम सर्वाजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले कंपनी के शेयर की खरीद-फरोख्त की सुविधा के लिए एक विनियमित शेयर ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म बनाने का प्रस्ताव किया है।
यह मंच पायलट आधार पर शुरू किया जायेगा और इसकी सुविधा उठाने के लिए सेबी द्वारा तय कुछ सूचनाएं सार्वजनिक करनी होंगी।
श्री पांडे ने यहां उद्योगमंडल फिक्की द्वारा शेयर बाजार पर आयोजित सम्मेलन कैपएम 2025 के 22वें संस्करण को संबोधित करते हुये इस प्रस्ताव को देश के पूंजी बाजारों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापक सुधारों की दिशा में एक कदम बताया।
उन्होंने सवाल किया, “क्या हम पायलट आधार पर एक विनियमित मंच की एक ऐसी पहल के बारे में सोच सकते हैं जहाँ आईपीओ लाने की तैयारी में लगी कंपनियां कुछ सूचनााओं को सार्वजनिक करने की शर्त मानकर प्री-आईपीओ ट्रेड करने का विकल्प चुन सकें?”
सेबी अध्यक्ष का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारत का पूंजी बाजार तेजी से बढ़ रहा है और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा प्रतिभूति बाजार बन गया है। इसमें 13 करोड़ निवेशक हैं। इसके अलावा सात करोड़ निवेशक म्यूचुअल फंड के जरिये जुड़े हैं। पिछले वित्त वर्ष में कंपनियों ने भारत के प्राथमिक बाजार में आईपीओ से 4.3 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई जबकि 1.4 लाख करोड़ रुपये के आईपीओ लाने की तैयारी है।
शेयर बाजार का नकद खंड तीन वर्षों में दोगुना हो गया है। बावजूद इसके सेबी का मानना है कि बाजार को मजबूत बनाने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनंत गोयनका ने बताया कि प्रबंधनाधीन म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियां 75 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई हैं, जो 10 वर्षों में छह गुना वृद्धि और घरेलू बचत के तेजी से वित्तीयकरण को दर्शाती है।
