सतना : यदि किसी यात्री को बिना किसी वैध टिकट के पकड़ा जाता है तो उससे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाती है. लेकिन रेलवे स्टेशन पर तैनात टिकट कलेक्टर ने अपनी सीमाओं को लांघते हुए बिना टिकट पाई गई छात्रा के साथ अभद्रता और मारपीट की. इसी कड़ी में छात्रा ने यह आरोप भी लगाए कि पूरा जुर्माना भरने के साथ-साथ उसे अभद्रता-मारपीट का दंश झेलना पड़ा, लेकिन ऐसा करने वाले टीटी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई.
जिले में शहीदों के गांव के रुप में पहचान बना चुके चूंद गांव की निवासी एक छात्रा की बुधवार को सतना में परीक्षा थी. जिसके चलते वह बुधवार की सुबह जैतवारा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई. इसी दौरान पटना-एलटीटी एक्सप्रेस जैतवारा रेलवे स्टेशन पर आकर रुक गई. जिसे देखते हुए छात्रा ट्रेन में सवार होकर सतना पहुंच गई. सतना रेलवे स्टेशन पर उतरने पर जैसे ही छात्रा निकास द्वार पर पहुंची तो वहां पर तैनात महिला टिकट कलेक्टर रेनू सिंह ने उससे टिकट मांगा.
जवाब में छात्रा ने बताया कि आज उसकी सतना में परीक्षा है. जैतवारा स्टेशन पर ट्रेन खड़ी देख वह उसमें सवार हो गई. जिसके चलते उसे टिकट लेने का मौका ही नहीं मिल पाया. यह सुनकर महिला टीटी ने 330 रु का जुर्माना भरने के लिए कहा. लेकिन छात्रा ने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जुर्माना भरने की बात करने के साथ ही महिला टीटी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया. जिसे सुनकर छात्रा ने कड़ी आपत्ति जताई.
लेकिन अपनी अभद्रता पर माफी मांगने के बजाए महिला टीटी ने छात्रा कसे जोरदार थप्पड़ मार दिया. जिसके चलते छात्रा का सिर बगल में मौजूद दरवाजे पर जा लगा. जिसके बाद छात्रा का पकड़कर मुख्य टिकट पर्यवेक्षक कार्यालय में ले आया गया. छात्रा के अनुसार वहां पर मौजूद एक अन्य टीटी ने उसे लातों से मारने की धमकी भी दी. इस मामले के चलते वहां पर आधे घंटे से अधिक समय तक खासा हंगामा होता रहा.
ले जाया गया आरपीएफ पोस्ट
हंगाम बढ़ता देख रेल सुरक्षा बल के जवान वहां पहुंच गए और दोनों पक्ष को आरपीएफ पोस्ट में चलने के लिए कहा. आरपीएफ पोस्ट में एक ओर जहां छात्रा ने महिला टीटी सहित एक अन्य टीटी पर अभद्रता और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोपों को दोहराया. वहीं दूसरी ओर टीटी द्वारा अपनी कार्रवाई को जायज ठहराया जाता रहा. जिसे देखते हुए सबसे पहले छात्रा से 330 रु का जुर्माना भरवाया गया. जिसके बाद दोनों पक्षे को समझाइस देकर जाने दिया गया. इस घटना से आहत छात्रा का कहना है कि एक ओर जहां उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताडि़त करने के साथ ही जुर्माना भी भरवाया गया. लेकिन वहीं दूसरी ओर रेलवे द्वारा दोहरा चरित्र अपनाते हुए महिला टीटी सहित एक अन्य टीटी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई.
