ग्वालियर: काॅन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा जीवाजी क्लब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दीपावली तक किये जा रहे जीएसटी रिफॉर्म पर चर्चा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्वालियर के प्रमुख चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने भाग लिया और कई महत्वपूर्ण सुझाव तैयार किए।बैठक में यह सुझाव सामने आए—रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं जैसे खाने-पीने का सामान, कपड़े-जूते, दवाइयाँ, बिस्कुट, नमकीन आदि, जो वर्तमान में 12 और 18 फीसदी स्लैब में आती हैं, उन्हें या तो टैक्स-फ्री श्रेणी में या अधिकतम 5 फीसदी की श्रेणी में रखा जाए।
दरों में कटौती के बाद एंटी-प्रॉफिटियरिंग लागू होना चाहिए ताकि उपभोक्ता को वास्तविक लाभ मिले। साथ ही स्पष्ट गाइडलाइन्स बनाई जाएँ जिससे व्यापारियों पर बाद में अनावश्यक कार्रवाई न हो। टैक्स दरों में बदलाव के दौरान डिमांड व बिजनेस साइकिल प्रभावित न हों और स्टॉक होर्डिंग जैसी स्थिति न बने, इसके लिए एक उपयुक्त मैकेनिज्म तैयार किया जाए। सुझाव कैट की राष्ट्रीय कार्यसमिति के माध्यम से केंद्र सरकार तक भेजे जाएंगे।
