
ग्वालियर। इंदौर से कटनी के बीच नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच से रहस्यमयी तरीके से लापता हुई छात्रा अर्चना तिवारी ने 12 दिन बाद अपने परिजनों से संपर्क किया है। मंगलवार सुबह अर्चना ने अपनी मां को कॉल कर बताया कि वह सुरक्षित है।
2 साल से आरक्षक के टच में थी छात्रा
पुलिस जांच में सामने आया है कि ग्वालियर पुलिस में तैनात आरक्षक राम तोमर से छात्रा का पिछले दो साल से संपर्क था। राम तोमर ने स्वीकार किया कि उसने अर्चना का ट्रेन टिकट बुक कराया था, लेकिन वह ट्रेन में सवार नहीं हुई। दोनों के बीच लंबे समय तक मोबाइल पर बातचीत होती थी।
ग्वालियर में हवलदार की बेटी से भी जुड़ा था लिंक
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अर्चना का ग्वालियर के एक हवलदार की बेटी से भी परिचय था। पुलिस के मुताबिक, वह उससे मिलने ग्वालियर भी पहुंची थी।
दबिश में मिली आपत्तिजनक सामग्री
सूत्रों के अनुसार कटनी और जबलपुर जीआरपी की टीम ने ग्वालियर पुलिस के साथ मिलकर आरक्षक राम तोमर के रूम पर दबिश दी। यहां से लड़कियों का सामान और आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल पुलिस इन सामग्रियों की जांच कर रही है और राम तोमर से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
