
भोपाल। मंत्री विश्वास सारंग ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के 20 महीने बाद कांग्रेस नेताओं को मतदाता सूची में गड़बड़ी की याद आना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कानून साफ है,चुनाव परिणाम आने के 45 दिन के भीतर और मतदाता सूची पर मतदान से 10 दिन पूर्व तक ही आपत्ति की जा सकती है। तब कांग्रेस ने शिकायत क्यों नहीं की?
सारंग ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने के बजाय उन पर प्रश्नचिह्न लगाकर जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उमंग सिंघार तथ्यों और सबूतों के बिना निराधार आरोप लगा रहे हैं। यदि 27 विधानसभा सीटों पर गड़बड़ी थी तो कांग्रेस को निर्वाचन आयोग या न्यायालय जाना चाहिए था, न कि प्रेसवार्ता करना।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया और विपक्ष में रहते हुए हमेशा चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल खड़े किए। सारंग ने स्पष्ट कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस अपनी असफलता छिपाने के लिए झूठ और फरेब की राजनीति कर रही है।
